गुरिंदरवीर सिंह कौन हैं, जो बन गए हैं भारत के सबसे तेज़ धावक
Updated on
24-05-2026 07:02 PM
बंदा सच में फास्ट है...
नाम है गुरिंदरवीर सिंह
इवेंट 100 मीटर दौड़
टाइम 10.09 सेकंड
शनिवार को गुरिंदरवीर सिंह ने ऐसी उपलब्धि हासिल की, जो अब तक कोई भारतीय हासिल नहीं कर सका था. उन्होंने 100 मीटर की दौड़ 10.09 सेकंड में पूरी की
तक़रीबन एक साल पहले अनिमेष कुजूर ने गुरिंदरवीर का तब का राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ते हुए 10.18 सेकंड का समय निकाला था, तो इसे करिश्मा कहा गया था.
अनिमेष ग्रीस के वारी शहर में आयोजित ड्रोमिया इंटरनेशनल स्प्रिंट मीट में भले ही तीसरे नंबर पर रहे थे, लेकिन उन्होंने जो कीर्तिमान रचा था, उसने उन्हें सबसे तेज़ भारतीय होने का गौरव दिला दिया था.
रांची के बिरसा मुंडा एथलेटिक्स स्टेडियम में शनिवार को गुरिंदरवीर सिंह ने न केवल नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया, बल्कि 10.0 सेकंड के दायरे में 100 मीटर दौड़ पूरी करने वाले वह पहले भारतीय भी बन गए.
दरअसल, बिरसा मुंडा स्टेडियम में पिछले दो दिनों में ऐसा कुछ हुआ जो रेसिंग के दीवानों के लिए बेहद रोमांचक था.
शुक्रवार को गुरिंदरवीर ने सेमीफ़ाइनल में 10.17 सेकंड में 100 मीटर की दौड़ पूरी कर अनिमेष का रिकॉर्ड तोड़ा, लेकिन उनका ये रिकॉर्ड 10 मिनट से ज़्यादा नहीं टिक सका और छत्तीसगढ़ के रिकॉर्डधारी अनिमेष ने दूसरे सेमीफ़ाइनल में 10.15 सेकंड में रेस पूरी कर रिकॉर्ड एक बार फिर अपने नाम कर लिया.
अगले दिन दोनों दिग्गज गुरिंदरवीर और अनिमेष फिर ट्रैक पर थे और जैसी की उम्मीद थी, कहानी अभी खत्म नहीं हुई थी. भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में एक और अध्याय लिखा जाना बाकी था.
गुरिंदरवीर सिंह ने रेस की शुरुआत से ऐसी रफ़्तार पकड़ी कि अनिमेष समेत दूसरे प्रतिद्वंद्वियों के लिए उन्हें पकड़ना नामुमकिन हो गया.
गुरिंदरवीर सिंह ने फिनिश लाइन तक अपनी रफ़्तार बरकरार रखी और अनिमेष से 0.11 सेकंड आगे रहते हुए रेस जीत ली. अनिमेष 10.20 सेकंड के साथ दूसरे नंबर पर रहे.
फिनिश लाइन पार करते ही उन्होंने अपनी जर्सी से बिब नंबर फाड़कर ट्रैक पर फेंक दिया और ज़ोरदार गर्जना की.
इस बिब पर एक संदेश भी था, जिसमें लिखा था, 'टास्क इज़ नॉट फिनिश्ड यट, वेट आई एम स्टिल स्टैंडिंग (काम अभी पूरा नहीं हुआ है, इंतज़ार करो मैं अब भी खड़ा हूँ.)'
बाद में समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए गुरिंदरवीर सिंह ने कहा, "मेरे कोच ने मेरे साथ कड़ी मेहनत की और मुझे गहन प्रशिक्षण दिया. मुझे मौका देने के लिए मैं रिलायंस फाउंडेशन का शुक्रिया अदा करना चाहता हूँ. साथ ही मैं सहयोग देने के लिए अपने परिवार को भी धन्यवाद देना चाहता हूँ."
अनिमेष के साथ प्रतिद्वंद्विता के बारे में उन्होंने कहा, "बहुत अच्छा है. ये होना चाहिए. जब तक प्रतिद्वंद्विता नहीं होगी, तब तक लोगों को मज़ा नहीं आएगा. अनिमेष का शुक्रिया कि वो फुटबॉल छोड़कर एथलेटिक्स में आया."
उन्होंने कहा, "हम एक-दूसरे को आगे बढ़ाते हैं, अगर वह तेज़ दौड़ता है, तो मैं उससे तेज़ दौड़ना चाहता हूं."
एथलेटिक्स को करियर बनाने के बारे में पूछे गये सवाल पर गुरिंदरवीर ने कहा, "जब मैं छठी-सातवीं में पढ़ता था तब से लोग मुझे कहते थे कि 100 मीटर में कोई भविष्य नहीं है. भारतीय 100 मीटर नहीं भाग सकते. स्प्रिंट के लिए इंडियन जींस नहीं हैं. उन्हें गलत साबित करना है कि इंडियन जींस में बहुत दम है.
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