Select Date:

अमेरिका से 60 दिन की छूट, फिर ऐसा क्‍या हुआ कि ईरानी तेल लेने से कतरा रहा भारत

Updated on 26-06-2026 08:11 PM
अमेरिका से कुछ समय के लिए पाबंदियों में मिली छूट के बाद ईरानी तेल दोबारा बाजार में आ गया है। लेकिन, भारतीय रिफाइनर इसे खरीदने की जल्‍दबाजी नहीं दिखा रहे हैं। वॉशिंगटन ने ईरान को कच्चा तेल एक्सपोर्ट करने के लिए 60 दिन का समय दिया है। लेकिन, भारतीय रिफाइनरों के उन बैरल को खरीदने की हड़बड़ी करने की संभावना कम है। आने वाले महीनों के लिए उनकी ज्यादातर तेल खरीद पहले ही बुक हो चुकी है। सरकारी और प्राइवेट रिफाइनर अभी अगस्त के आखिर और सितंबर के लिए कार्गो का इंतजाम कर रहे हैं। खरीद में रूस और मिडिल ईस्ट के तेल का दबदबा बना हुआ है। वहीं, वेनेजुएला के कच्चे तेल की बाजार हिस्सेदारी भी बढ़ रही है।

बड़ी खरीद की संभावना कम क्‍यों है?
जानकारों का कहना है कि फिलहाल ईरानी कच्चे तेल की खरीद में बड़ी वापसी की संभावना कम है। इसकी वजह सप्लाई के मौजूदा वादे, पेमेंट के तरीकों और नियमों के पालन से जुड़ी चिंताएं हैं। साथ ही इस बात को लेकर भी अनिश्चितता है कि कुछ समय के लिए मिली छूट खत्म होने के बाद क्या होगा।
छूट की कम अवधि भी एक अहम वजह है जिससे दिलचस्पी कम हो रही है। केप्‍लर में रिफाइनरी और तेल बाजार का मॉडल बनाने वाले सुमित रिटोलिया के मुताबिक, जब पाबंदियों का भविष्य अनिश्चित हो तो खरीदारों के बड़े वादे करने की संभावना कम होती है।

एक्सपर्ट ने PTI को बताया, 'अगर डिस्काउंट बहुत आकर्षक हों तो मौके के हिसाब से खरीद हो सकती है, लेकिन कुल मिलाकर इसकी गुंजाइश कम दिखती है।'

ईरान से तेल का बड़ा खरीदार रहा है भारत
भारत कभी ईरानी कच्चे तेल का बड़ा ग्राहक था। रिफाइनरी की अनुकूलता और अच्छे कमर्शियल नियमों की वजह से ईरानी लाइट और हैवी ग्रेड की काफी मांग थी। पाबंदियां सख्त होने से पहले देश के कुल कच्चे तेल के आयात में ईरानी तेल की हिस्सेदारी 11.5% तक थी।

मई 2019 में अमेरिकी पाबंदियां सख्त होने के बाद यह व्यापार रुक गया। इससे रिफाइनरों को ईरानी तेल की जगह मिडिल ईस्ट, अमेरिका और दूसरे उत्पादकों से सप्लाई लेनी पड़ी।

बहुत ज्‍यादा सतर्क हैं रिफाइनर
भले ही ईरानी कच्चा तेल (क्रूड) फिर से उपलब्ध हो जाए। लेकिन, कामकाज से जुड़ी चुनौतियां बनी रहेंगी। रिटोलिया के मुताबिक, पेमेंट का निपटान सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है। साथ ही, रिफाइनरों के लिए आसानी से खरीद फिर से शुरू करने से पहले बीमा, शिपिंग और लॉजिस्टिक्स के इंतजामों पर भी ध्यान देना होगा।

जानकार ने बताया कि मार्च में इसी तरह की छूट दी गई थी। लेकिन, चीन के बाहर खरीद में कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखी। कारण है कि नियमों के पालन और पेमेंट से जुड़े मुद्दे हल नहीं हुए थे।
उम्मीद है कि इस बार भी वही चिंताएं ज्यादातर खरीदारों को सतर्क रखेंगी। रिफाइनर आमतौर पर कॉन्ट्रैक्ट करने से पहले स्थिर और बिना रुकावट वाली सप्लाई का भरोसा चाहते हैं, जो सिर्फ दो महीने की छूट के तहत मुश्किल हो सकता है।

डेडलाइन भी पैदा कर रही मुश्किल
डेडलाइन भी व्यावहारिक मुश्किलें पैदा करती है। रिटोलिया ने कहा कि पश्चिमी रिफाइनर के भी इसमें शामिल होने की संभावना कम है। कारण है कि रेगुलेटरी मंजूरी और कॉन्ट्रैक्ट पर बातचीत से लेकर शिपिंग, रिफाइनिंग और पेमेंट सेटलमेंट तक की पूरी प्रक्रिया छूट की अवधि (वेवर विंडो) के भीतर पूरी करनी होगी। कुछ मामलों में ईरान से यात्रा में 40 से 45 दिन तक लग सकते हैं

नतीजतन, जब तक प्रतिबंधों में ढील ज्‍यादा भरोसेमंद और लंबे समय तक चलने वाली नहीं हो जाती तब तक ईरान के कच्चे तेल के लिए चीन ही मुख्य डेस्टिनेशन बना रहेगा।

रिटोलिया ने कहा, 'हो सकता है कि छूट ने ईरानी एक्सपोर्ट के लिए दरवाजे फिर से खोल दिए हों। लेकिन, इससे अपने-आप खरीदारों का बड़ा समूह नहीं बन जाता।'

वह बोले कि जब तक प्रतिबंधों में ढील ज्‍यादा टिकाऊ नहीं हो जाती तब तक ईरान के कच्चे तेल के लिए चीन ही मुख्य डेस्टिनेशन बना रहेगा।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 26 June 2026
अमेरिका से कुछ समय के लिए पाबंदियों में मिली छूट के बाद ईरानी तेल दोबारा बाजार में आ गया है। लेकिन, भारतीय रिफाइनर इसे खरीदने की जल्‍दबाजी नहीं दिखा रहे…
 26 June 2026
अयोध्या के राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के मामले में एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपे जाने के बाद गुरुवार देर शाम आठ लोगों के…
 25 June 2026
अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावे में कथित घोटाले मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है. इस मामले में एसआईआटी की सिफारिश के बाद एफआईआर दर्ज हुई है.शुरुआती जांच…
 24 June 2026
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने साफ संकेत दिए हैं कि उनकी टीम जल्द ही ईरान के न्यूक्लियर एनरिचमेंट साइट्स का निरीक्षण करेगी. अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के…
 24 June 2026
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की रस्मों में शामिल होने के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित…
 23 June 2026
‘अंधा बांटे रेवड़ी, घरे घराना खाय’ कुछ इसी अंदाज में अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के पैसों की बंदरबांट चल रही थी। सूत्रों के मुताबिक, SIT की जांच में…
 22 June 2026
शुरू हुए इंडिया के टॉप 1 परसेंट के रजिस्ट्रेशनमुंबई, जून, 2026: देशभर में ऐसे लाखों लोग हैं, जो कभी न कभी टेलीविज़न पर आने का सपना देखते हैं। अब यह…
 17 June 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को फ़्रांस में जी-7 सम्मेलन के दौरान सुरक्षित समुद्री रास्तों और नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया.उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष की वजह…
 16 June 2026
इंश्योरेंस या पेशेंट ट्रैप?मुंबई: Star Health Insurance के खिलाफ एक गंभीर आरोप सामने आया है, जिसने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है — क्या हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियां क्लेम पेमेंट…
Advt.