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दो हज़ार रुपये से अधिक की इस यूपीआई पेमेंट पर लगेगा चार्ज, जानिए आम लोगों पर क्या होगा असर

Updated on 15-09-2026 10:26 PM
लगेगी.

यहां यह बताना बेहद ज़रूरी है कि यह शुल्क मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) है.

एमडीआर वह शुल्क है जो पेमेंट सिस्टम में मर्चेंट की तरफ़ से बैंक और दूसरे पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स को दिया जाता है, न कि यूज़र्स से लिया जाता है.

इस लिहाज़ से यूपीआई पेमेंट पर इस तरह के चार्ज लगने का सीधे तौर पर आम उपभोक्ताओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

एनपीसीआई ने बताया है कि उपभोक्ताओं के लिए यूपीआई को पूरी तरह निःशुल्क रखते हुए, कुछ चुनिंदा मर्चेंट (व्यापारिक) लेनदेन पर एक संशोधित यूपीआई मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) ढांचा पेश किया गया है, जो 15 अक्तूबर 2026 से लागू होगा.

एनपीसीआई ने बयान में बताया है कि इस ढांचे के तहत 2,000 रुपये से कम के 95% से कम मूल्य वाले यूपीआई लेनदेन और छोटे व्यापारियों के लेनदेन (पी2पीएम) को पूरी तरह से मुफ्त रखा गया है, और छोटे व्यापारियों के बीच यूपीआई स्वीकार्यता के विस्तार का समर्थन करने के लिए एक नए फंड का प्रस्ताव किया गया है.

किस तरह की पेमेंट पर लगेगा चार्ज और क्या रहेगा फ़्री

ज़रिए सीधे अपने बैंक खातों में हर महीने एक लाख रुपये तक हासिल करते हैं, जिससे असंगठित खुदरा क्षेत्र में डिजिटल भुगतान की स्वीकार्यता को बढ़ावा मिलता है.

डिजिटल भुगतान को और तेज़ी से अपनाने के लिए, छोटे व्यापारियों के लिए एक समर्पित फंड स्थापित किया जाएगा जो मौजूदा व्यापारियों और टियर 3 और छोटे बाज़ारों में डिजिटल भुगतान के बुनियादी ढांचे का समर्थन करेगा.

स्पेसिफ़ाइड मर्चेंट श्रेणियां जैसे रेलवे, टेलीकॉम सेवाएं, बीमा और ईंधन में 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतानों पर प्रति लेनदेन 5 रुपये का फ्लैट एमडीआर लागू होगा.


2,000 रुपये से अधिक के पी2एम यूपीआई लेनदेन पर 0.4% का एमडीआर लागू होगा, जिसमें प्रति लेनदेन एमडीआर की अधिकतम सीमा 300 रुपये तय की गई है.

सभी व्यापारियों के लिए 2,000 रुपये तक के कम-मूल्य वाले यूपीआई लेनदेन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, जो सभी यूपीआई पी2एम लेनदेन का 95% से अधिक हिस्सा हैं.

संशोधित यूपीआई एमडीआर, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और वॉलेट सहित कई अन्य डिजिटल भुगतान माध्यमों से जुड़े शुल्कों की तुलना में कम बना हुआ है.

कोई शुल्क नहीं लगा सकते. सरकार की ओर से जारी गजट अधिसूचना में RuPay डेबिट कार्ड से ₹2,000 तक के भुगतान पर भी किसी तरह का शुल्क लगाने पर रोक लगाई गई है."

अधिसूचना के मुताबिक़, "कोई भी बैंक या सिस्टम प्रोवाइडर इन माध्यमों से भुगतान करने या प्राप्त करने वाले व्यक्ति से सीधे या अप्रत्यक्ष तौर पर कोई शुल्क नहीं ले सकता."

सरकार ने यह अधिसूचना पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007 की धारा 10A के तहत जारी की है.

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