भारत के लिए बड़ा खतरा बन सकता है बांग्लादेश, तारिक रहमान की BNP सरकार को लेकर ब्रह्मा चेलानी की बड़ी चेतावनी
Updated on
25-08-2026 07:12 PM
बांग्लादेश ने जिस तरह से मक्का पैक्ट में दिलचस्पी दिखाई है, वह भारत के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। क्योंकि, तारिक रहमान की बीएनपी सरकार पहले ही चीन के प्रति अपना लगाव जाहिर कर चुकी है और अब मुस्लिम बहुल देशों के सुरक्षा गठबंधन में शामिल होने का उसका मंसूबा, भारत के लिए अच्छी स्थिति नहीं पैदा कर रही। यह कहना है रणनीतिक मामलों के जानकार और जियोपॉलिकल एक्सपर्ट ब्रह्मा चेलानी का।
बांग्लादेश की बीएनपी सरकार को सत्ता में आए 6 महीने से ज्यादा हो चुके हैं, लेकिन तारिक रहमान अभी तक भारत आने में आनाकानी कर रहे हैं। बहाना शेख हसीना को बनाया जा रहा है, लेकिन सच्चाई ये है कि पहले की तरह बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी पूरी तरह से कट्टरपंथियों की गोद में खेलती नज आ रही है
'सुन्नी सिक्योरिटी ब्लॉक की ओर बांग्लादेश का झुकाव'
# ब्रह्मा चेलानी का कहना है कि 'तारिक रहमान की अगुवाई वाली 6 महीने पुरानी बांग्लादेशी सरकार पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब के साथ संबंध मजबूत कर रही है, जिन्होंने इसी महीने रक्षा मामलों पर मक्का समझौता किया है और सुन्नी सिक्योरिटी ब्लॉक बना रहे हैं।'
# ब्रह्मा चेलानी का कहना है कि तारिक रहमान के नए नवेले विदेश राज्यमंत्री हुमायूं कबीर ने कहा है कि उनकी सरकार मक्का समझौते को लेकर बहुत ही सकारात्मक नजरिया रखती है।
# एक्सपर्ट का कहना है कि इससे पता चलता है कि बांग्लादेश ने आधिकारिक रूप से संकेत दे दिया है कि वह औपचारिक रूप से मक्का गठबंधन में शामिल होने में दिलचस्पी रखता है।
'रणनीतिक घेराबंदी की आशंका बढ़ाएगा बांग्लादेश'
उन्होंने कहा कि 'अगर बांग्लादेश पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के साथ औपचारिक रूप से जुड़ता है तो भारत के साथ इसके कूटनीतिक, रक्षा और आर्थिक संबंधों में मौलिक बदलाव आ जाएगा।
इस तरह का बदलाव नई दिल्ली में रणनीतिक घेराबंदी की आशंका बढ़ाएगा, खासकर इस वजह से, क्योंकि (तारिक) रहमान साथ के साथ चीन की ओर भी झुक रहे हैं। जून में अपनी बीजिंग यात्रा के दौरान, उन्होंने चीन को बांग्लादेश का सबसे महत्वपूर्ण और भरोसेमंद साझेदार भी बताया था।
ब्रह्मा चेलानी, जियोपॉलिटिकल एक्सपर्ट
'बीएनपी की परंपरागत ट्रैक पर बढ़ रहा है बांग्लादेश'
# उन्होंने अपने एक्स पोस्ट में बीएनपी के इतिहास की ओर भी इशारा किया है, जिसने हमेशा मुस्लिम कट्टरपंथियों के साथ साठ-गांठ रखी है।
# बांग्लादेश के कट्टरपंथी इस्लामी ताकतें भारत-विरोधी मानसिकता के लिए कुख्यात रही हैं और उन्होंने 1971 के बांग्लादेश मुक्ति अभियान में भी पाकिस्तानी फौज का साथ दिया था।
# ब्रह्मा चेलानी का कहना है कि बीएनपी ने हमेशा इन मुस्लिम कट्टरपंथियों का इस्तेमाल अपना सियासी आधार बनाने में किया है।
# उनके मुताबिक इन सब चीजों को देखने से लगता है कि तारिक रहमान की विदेश नीति उसी ट्रैक पर जा रही है, जिसपर बीएनपी परंपरागत रूप से चलती आई है।
देश में इस समय आरक्षण और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के इक्विटी नियमों के खिलाफ अलग-अलग जगहों पर प्रदर्शन हो रहे हैं. प्रदर्शनकारियों ने जाति आधारित आरक्षण व्यवस्था में बदलाव…
भारत दुनिया भर में चीनी का सबसे बड़ा उपभोक्ता है. भारत में चीनी की क़ीमतें पिछले दो महीनों में 40 फ़ीसदी से ज़्यादा बढ़कर रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गई हैं.चीनी…
राजस्व विभाग की साख को शर्मसार करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। सोहागपुर तहसील के हल्का नंबर 72 में पदस्थ पटवारी आशीष सोनकर पर एक बेसहारा अनाथ युवती…
नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े के बाद अब कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने एक बार फिर सड़कों पर उतरने की घोषणा की है.सीजेपी ने…
दिल्ली के जंतर-मंतर पर आरक्षण व्यवस्था के खिलाफ जारी प्रदर्शन पर अब बयानबाजी बढ़ने लगी है. अब बहुजन आघाडी के प्रमुख प्रकाश आंबेडकर ने इसपर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए प्रदर्शनकारियों…
भारत के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर अजीत डोभाल सोमवार को बीजिंग जा रहे हैं। वे भारत और चीन के स्पेशल रिप्रेजेंटेटिव्स के बीच सीमा विवाद पर बातचीत के 25वें दौर में…
सीतापुर के हरगांव की पूनम देवी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दर्शन में गाय पालन के जरिए परिवार को आत्मनिर्भर बनाने की इच्छा लेकर पहुंचीं. पूनम के पास पहले से…