पूर्व महासचिव की ओर से यह आरोप ऐसे समय में लगाए गए हैं जब एक ओर चढ़ावा चोरी मामले की एसआईटी जांच चल रही है और दूसरी ओर नृपेंद्र मिश्रा ने मंदिर निर्माण के पूर्ण होने का समय मार्च 2027 बताया है.
बता दें चढ़ावा चोरी के मामले में एबीपी न्यूज़ से एक्सक्लूसिव बातचीत में नृपेंद्र मिश्रा ने कहा था कि उन्हें यह कहने में कोई गुरेज नहीं है कि यह अव्यवस्था का मामला होने के साथ-साथ डाका है. मिश्रा ने बिना किसी का नाम लिए यह भी कहा था कि अपने मन मुताबिक नियुक्तियां की गईं. एबीपी न्यूज़ से ही बातचीत में मिश्रा ने पहली बार कहा था कि राम मंदिर का संचालन और उसकी व्यवस्था सीईओ सरीखे सिस्टम के दायरे में आना चाहिए. राय ने कहा कि बिना कमेटी के निर्णय के एक भी काम नहीं हुआ.