ज़ोहरान ममदानी को लेकर प्रवासी भारतीयों में बहस, आरएसएस ने जारी किया ये बयान
Updated on
27-08-2026 09:54 PM
न्यूयॉर्क सिटी के मेयर ज़ोहरान ममदानी को लेकर भारतीय मूल के अमेरिकी आपस में बँटे हुए दिख रहे हैं.
दरअसल ममदानी ने मंगलवार को कहा था कि वह 29 अगस्त को न्यूयॉर्क के मेडिसन स्क्वेयर गार्डेन (एमएसजी) में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के प्रस्तावित कार्यक्रम का समर्थन नहीं करते हैं.
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा था कि शायद उनके पास इस कार्यक्रम को रद्द करने का अधिकार नहीं है.
'यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन' नाम से आयोजित इस कार्यक्रम का आयोजन अमेरिकन हिन्दूज फोर इंगेजमेंट एंड डायलॉग कर रहा है. कहा जा रहा है कि आरएसएस के शताब्दी वर्ष के वैश्विक संपर्क अभियान के तहत इसमें क़रीब 5,000 भारतीय-अमेरिकियों के शामिल होने की उम्मीद है.
ममदानी ने मंगलवार को पत्रकारों से कहा था, "मैं इस रैली का समर्थन नहीं करता, लेकिन मुझे नहीं पता कि किसी निजी कार्यक्रम को रद्द करने का अधिकार शहर के पास है या नहीं." कार्यक्रम के ख़िलाफ़ लेफ़्ट-लिबरल समूहों के विरोध और इसे रद्द करने की मांग के बीच उन्होंने यह बयान दिया.
ममदानी और आरएसएस ने क्या कहा?
ज़ोहरान ममदानी के माता-पिता भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक हैं. ममदानी न्यूयॉर्क के पहले मुस्लिम मेयर हैं. ममदानी ने इस कार्यक्रम को रद्द करने के सवाल पर कहा था कि उनके परिवार ने उन्हें भारत की जो तस्वीर सिखाई, वह एक बहुलतावादी समाज और एक धर्मनिरपेक्ष गणतंत्र की थी, जिसमें हर व्यक्ति को अपनाने की भावना है. उन्होंने कहा था कि बहिष्कारवादी सोच पर आधारित किसी आंदोलन का उभार बेहद परेशान करने वाला है.
ममदानी के इस बयान पर भारत में बहुत ही ध्रुवीकृत प्रतिक्रिया आई. आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने ममदानी का नाम लिए बिना उनके विरोध का जवाब दिया है.
सुनील आंबेकर ने एक्स पर लिखा है, ''न्यूयॉर्क में आयोजित यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन एक अंतरधार्मिक आयोजन की मिसाल है, जहाँ आरएसएस के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी विविध, बहुसांस्कृतिक और विभिन्न धर्मों को मानने वाले लोगों से संवाद करेंगे.''
'खुले संवाद और आपसी सम्मान की भावना से आयोजित यह कार्यक्रम भारतीय जीवन-दृष्टि को दर्शाता है, जो मूल रूप से समावेशी है और सभी का स्वागत करती है.''
''यह पहल भारत और दुनिया भर के विभिन्न समुदायों के साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लंबे समय से चले आ रहे संवाद और संपर्क की परंपरा के अनुरूप है. इसका मक़सद आपसी समझ और साझे लक्ष्यों को बढ़ावा देना है.''
''आरएसएस की विचारधारा और दृष्टिकोण को और बेहतर तरीक़े से समझने में रुचि रखने वाले सभी लोगों को इन खुले संवाद कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाता है.''
आरएसएस के सौ साल होने के मौक़े पर भागवत की तीन देशों की यात्रा में पहला पड़ाव अमेरिका है. उनका यहां होने वाला संबोधन पहले ही विवादों में घिर गया है.
अमेरिकन हिन्दूज फोर इंगेजमेंट एंड डायलॉग के मुताबिक, 200 से अधिक हिंदू-अमेरिकी संगठन 'यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन' का समर्थन कर रहे हैं. हालांकि, 61 नागरिक अधिकार, धार्मिक और सामुदायिक संगठनों के एक गठबंधन ने मैडिसन स्क्वेयर गार्डन से कार्यक्रम रद्द करने की मांग की है.
सिएटल सिटी काउंसिल की पूर्व सदस्य और प्रमुख समाजवादी नेता क्षमा सावंत ने भागवत को भारत के "सबसे प्रमुख और ख़तरनाक" दक्षिणपंथी हिंदू कट्टरपंथी नेताओं में से एक बताया और ममदानी से कार्यक्रम रद्द करने की अपील की.
इसके जवाब में भारत का राष्ट्रगान अक्सर कार्यक्रमों में गाने वाली अफ़्रीकी-अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन ने ममदानी पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि ममदानी और "ये सभी समाजवादी सनकी" कार्यक्रम का विरोध इसलिए कर रहे हैं क्योंकि वे मोदी और बीजेपी का विरोध करते हैं.
उन्होंने तंज़ कसते हुए कहा कि मैडिसन स्क्वेयर गार्डन "समाजवादी बयानों के आगे जवाबदेह नहीं है." उन्होंने मेयर और उनके समर्थकों से कहा कि पूंजीवादी बनिए, पैसा जुटाइए और ख़ुद गार्डन किराये पर लीजिए.
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