ऑपरेशन सिंदूर के 15 महीने बाद तत्कालीन सीडीएस जनरल चौहान ने 'सफ़ाई' क्यों दी?
Updated on
27-08-2026 09:09 AM
भारत के पूर्व चीफ़ ऑफ डिफेंस स्टाफ़ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस्तेमाल की गई एक लोइटरिंग म्यूनिशन पाकिस्तान के सरगोधा के पास स्थित किराना हिल्स इलाक़े में गिरी होगी, जहाँ परमाणु हथियार से जुड़ी उसकी सुविधाएं मौजूद हैं.
लॉइटरिंग म्यूनिशन वन-वे विस्फोटक ड्रोन होता है, जो किसी लक्ष्य के ऊपर या उसके पास उड़ सकता है, उसकी तलाश कर सकता है या उसके मिलने का इंतज़ार कर सकता है.
इसके बाद जानबूझकर उससे टकराकर विस्फोट कर देता है. इसे आम तौर पर सुसाइड ड्रोन भी कहा जाता है.
आरएसएस से जुड़े थिंक टैंक विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन में मंगलवार को ऑपरेशन सिंदूर और उसके बाद के घटनाक्रम पर आयोजित 'विमर्श' कार्यक्रम में बोलते हुए जनरल चौहान ने कहा था कि हमलों से पहले भारत ने रडार की तलाश के लिए सरगोधा के आसपास कई सुसाइड ड्रोन भेजे थे.
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मीडिया ब्रीफिंग में तत्कालीन एयर ऑपरेशंस के महानिदेशक एयर मार्शल ए.के.
भारती ने पिछले साल 12 मई को कहा था कि भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान के किराना हिल्स में स्थित परमाणु प्रतिष्ठान को निशाना नहीं बनाया था.
उस समय प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक सवाल के जवाब में एयर मार्शल भारती ने कहा था, "हमें यह बताने के लिए धन्यवाद कि किराना हिल्स में कोई परमाणु प्रतिष्ठान है. हमें इसके बारे में जानकारी नहीं थी. हमने किराना हिल्स पर हमला नहीं किया है, वहाँ जो भी मौजूद है, उस पर भी नहीं."
उन्होंने बताया था कि किराना हिल्स सरगोधा से क़रीब 10 किलोमीटर उत्तर में है.
जनरल चौहान ने समझाया कि इन सुसाइड ड्रोन की उड़ान क्षमता क़रीब दो घंटे की थी. अगर इस अवधि के भीतर उन्हें कोई लक्ष्य नहीं मिलता, तो वे अंततः नीचे गिर जाते हैं और कहीं न कहीं जाकर टकरा जाते हैं.
जनरल चौहान ने किराना हिल्स में लोइटरिंग म्यूनिशन के गिरने की आशंका का ज़िक्र करते हुए कहा, "वह आकर उन पहाड़ियों में से किसी एक से टकराया होगा."
उन्होंने पाकिस्तानी मीडिया में दिखाई गई उन तस्वीरों का भी ज़िक्र किया, जिनमें इलाक़े से धुआं उठता हुआ दिखाया गया था.
पिछले साल पाकिस्तानी सेना के पब्लिक रिलेशन डिपार्टमेंट ने दावा किया था कि भारत ने पाकिस्तान में इसराइली ड्रोन भेजे थे और सेना ने ऐसे 77 ड्रोन मार गिराए थे.
पाकिस्तानी अधिकारियों का दावा था कि इन ड्रोन को अलग-अलग तरीक़ों से मार गिराया गया. बताया गया कि ये कथित तौर पर इसराइल में बने हारोप ड्रोन थे.
वहीं, भारत ने दावा किया था कि इन ड्रोन हमलों से पाकिस्तान के कई डिफेंस रडार सिस्टम निष्क्रिय हो गए थे, जिनमें लाहौर का एक रडार भी शामिल था. हालांकि, पाकिस्तान ने इस दावे को ख़ारिज किया था.
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