बताया.
हूती विद्रोहियों के एक प्रवक्ता ने सोशल मीडिया पर कहा, "यमनी सशस्त्र बलों ने अल्लाह की मदद और उसके आदेश से सऊदी अरब के एक एफ़-15 लड़ाकू विमान को मार गिराया. यह विमान मारिब प्रांत के आसमान में अपने सैन्य अभियान के समर्थन में हमले कर रहा था. इसे स्थानीय स्तर पर बनाए गए हवा से हवा में मार करने वाले मिसाइल से निशाना बनाया गया."
प्रवक्ता ने सऊदी अरब पर 450 हवाई हमले करने का आरोप भी लगाया.
इसके जवाब में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मालिकी ने एक्स पर जारी एक बयान में कहा, "सऊदी रॉयल डिफ़ेंस फ़ोर्सेज़ ने एक दुश्मन ड्रोन को रोका और नष्ट कर दिया. इस ड्रोन को हूती आतंकवादी मिलिशिया ने लॉन्च किया था. इसे मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में दाख़िल होने से पहले ही रोक दिया गया."
उन्होंने कहा, "यह मक्का को निशाना बनाने की दूसरी शत्रुतापूर्ण और आतंकवादी कोशिश है. इससे पहले जुलाई 2017 में बैलिस्टिक मिसाइल दागकर मक्का को निशाना बनाने की कोशिश की गई थी."
उन्होंने अपने बयान में कहा कि "इसे सिर्फ़ शर्मनाक हरकत और पवित्र काबा के मेहमानों को डराने और नागरिकों व यहां रहने वाले लोगों को नुक़सान पहुंचाने की कोशिश ही कहा जा सकता है.
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि "पवित्र मस्जिदों और धार्मिक यात्रा पर आने वाले लोगों की सुरक्षा हमारे लिए एक सीमारेखा की तरह है."
उन्होंने कहा कि हूती मिलिशिया की "आक्रामक और आतंकवादी गतिविधियों" के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई करने से सऊदी अरब हिचकिचाएगा नहीं.
सऊदी अरब पर हुए हमलों से दुनिया के ग्लोबल एनर्जी मार्केट में हलचल मच गई है. ये बाज़ार पहले से ही अमेरिका और ईरान के बीच छह महीने से जारी युद्ध से प्रभावित हैं. इस युद्ध की वजह से होर्मुज़ स्ट्रेट से होकर होने वाली शिपिंग भी काफ़ी हद तक धीमी हो गई है.
शहर में भी ऐसी चेतावनी जारी की गई. हालांकि, इसे जल्द ही हटा लिया गया.
इसके बाद ख़मीस मुशैत प्रांत, अबहा शहर और जाज़ान क्षेत्र में भी ऐसी ही चेतावनियां जारी की गईं. कुछ मिनट बाद इन्हें भी हटा लिया गया.