सऊदी अरब में बांग्लादेशी महिला कामगार कितनी सुरक्षित हैं?
Updated on
23-10-2026 02:23 PM
सऊदी अरब में एक महिला समेत दो बांग्लादेशी नागरिकों को मौत की सज़ा दिए जाने की ख़बर पर बांग्लादेश में तीखी प्रतिक्रिया हुई है.
इस बीच, वहां काम करने वाली बांग्लादेशी महिला कामगारों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है.
पिछले दो साल में बांग्लादेश से विदेशों में काम करने गईं ज़्यादातर महिला कामगारों की एक बड़ी संख्या सऊदी अरब में है. इसके बाद जॉर्डन का नंबर आता है.
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक़, जनवरी 2024 से इस साल अक्तूबर के मध्य तक बांग्लादेश से 1 लाख 72 हज़ार से ज़्यादा महिला कामगार विदेश गई हैं. इनमें से क़रीब 1 लाख 20 हज़ार महिलाएं सऊदी अरब गईं.
यह भी देखा गया है कि इस साल सितंबर से अब तक 1,500 से ज़्यादा महिला कामगार अपने देश लौट चुकी हैं. इनमें से क़रीब 1,000 महिलाएं सऊदी अरब से लौटी हैं.
लौटने वाली महिला कामगारों के साथ काम करने वाले संगठनों का कहना है कि शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना, वेतन न मिलना या पूरा वेतन न मिलना और यौन उत्पीड़न ऐसे प्रमुख कारण हैं, जिनकी वजह से ज़्यादातर महिला कामगारों को वापस लौटना पड़ता है.
ऐसे ही एक संगठन माइग्रेंट वर्कर्स डेवलपमेंट प्रोग्राम (ओकेएपी) के अध्यक्ष शाकिरुल इस्लाम का कहना है कि हर साल देशभर से कितनी महिलाओं को विदेश से मजबूर होकर लौटना पड़ता है, इसकी पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है.
उन्होंने बीबीसी बांग्ला से कहा, "पिछले साल जुलाई में लौटने वाली महिलाओं पर किए गए एक अध्ययन में हमने पाया कि 90 फ़ीसदी महिलाएं शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना की वजह से लौटी थीं."
सऊदी अरब में बांग्लादेश के पूर्व राजदूत ग़ुलाम मसीह का कहना है कि घरेलू कामगारों को लेकर सऊदी अरब और बांग्लादेश के बीच एक दशक पहले हुए समझौते में उनकी सुरक्षा के मुद्दे पर ठीक से ध्यान नहीं दिया गया था.
इन मुद्दों पर सवाल पूछे जाने पर बांग्लादेश के माइग्रेंट वेलफ़ेयर मिनिस्ट्री के एक अधिकारी ने सिर्फ़ इतना कहा कि इस विषय पर सऊदी अधिकारियों के साथ नियमित रूप से बातचीत की जा रही है.
लेकिन पिछले दशक की शुरुआत से प्रताड़ना का सामना करने के बाद बड़ी संख्या में महिला कामगारों के स्वदेश लौटने पर व्यापक विरोध हुआ था. इसके बाद 2015 में दोनों देशों ने घरेलू कामगारों को लेकर एक समझौते पर हस्ताक्षर किए.
दो साल के कांट्रैक्ट पर काम करने वाली घरेलू महिला कामगारों को हर महीने 800 सऊदी रियाल वेतन मिलना था. इसमें यह भी कहा गया था कि घरेलू कामगार बिना किसी शुल्क के सऊदी अरब जा सकेंगी.
लेकिन लौटने वाली महिला कामगारों के हवाले से ग़ैर-सरकारी संगठनों ने दावा किया कि कई महिलाओं को उनका वेतन नहीं मिला. कुछ मामलों में वेतन मांगने पर उन्हें प्रताड़ित किया गया और फिर वापस भेज दिया गया.
सऊदी अरब में एक महिला समेत दो बांग्लादेशी नागरिकों को मौत की सज़ा दिए जाने की ख़बर पर बांग्लादेश में तीखी प्रतिक्रिया हुई है.इस बीच, वहां काम करने वाली बांग्लादेशी…
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