'जब से AAP छोड़ी है, पार्टी बौखलाई हुई है...' वोटर लिस्ट से नाम कटने पर भड़के राघव चड्ढा, 'आप' का भी पलटवार
Updated on
03-09-2026 02:17 PM
चुनाव आयोग के चलाए जा रहे SIR अभियान के तहत पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम ही काट दिया गया है. ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने को लेकर राघव चड्ढा की प्रतिक्रिया भी सामने आई है. उन्होंने इसे 'राजनीतिक बदले की भावना' से की गई कार्रवाई करार दिया है.
चुनाव आयोग की ओर से 13 अगस्त 2026 को जारी की गई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में राघव चड्ढा के नाम के आगे 'स्थायी रूप से स्थानांतरित' (Permanently Shifted) दर्ज किया गया है. उनका नाम अब राज्य की 'अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लिकेट' (ASDD) लिस्ट में शामिल है.
SIR के तहत पंजाब में अब तक कुल 20.66 लाख मतदाता के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा चुके हैं. ये संख्या राज्य के पुनरीक्षण से पहले के कुल मतदाताओं का लगभग 9.7 प्रतिशत है. राघव चड्ढा भी इन्हीं हटाए गए नामों में से एक है
पंजाब सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
मोहाली से रजिस्टर्ड अपने वोटर आईडी का जिक्र करते हुए राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी नीत पंजाब सरकार पर राज्य के प्रशासनिक तंत्र और पुलिस का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है. उन्होंने प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि ये कोई लिपिकीय त्रुटि नहीं है
राघव चड्ढा ने कहा, 'मुझे स्थानांतरित के रूप में किसने मार्क किया? पंजाब सरकार के एक अधिकारी ने. उस कैटिगिरी का वेरिफिकेशन किसने किया? फिर से पंजाब सरकार के अधिकारी ने. इसे उच्च स्तर पर किसने संसाधित किया? एक बार फिर पंजाब सरकार के ही अधिकारी ने.'
उन्होंने कहा कि जमीन पर तैनात BLO से लेकर CEO तक, इस पूरी प्रक्रिया में पंजाब सरकार के कर्मचारी और अधिकारी ही शामिल हैं. अधिकारियों को पता है कि चुनावी ड्यूटी खत्म होने के बाद उनके तबादले, पोस्टिंग और करियर पर राज्य सरकार का ही कंट्रोल रहता है. इसी प्रशासनिक दबाव के जरिए सरकार राजनीतिक बदला ले रही है.
'आप छोड़ने वाले नेताओं को बनाया जा रहा निशाना'
राघव चड्ढा ने आरोप लगाया कि जब से उन्होंने और बाकी नेताओं ने आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी की सदस्यता ली है, तब से आप नेतृत्व बौखलाया हुआ है. उन्होंने कहा कि जो लोग शांत रहने को तैयार नहीं हैं, उनके खिलाफ पंजाब पुलिस और प्रशासनिक तंत्र को ढाल की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है. दूसरे पूर्व आप सांसदों और नेताओं को भी इसी तरह निशाना बनाया जा रहा है.
चुनाव आयोग की गाइडलाइंस और धारा 4(d) का उल्लंघन
चुनाव आयोग की गाइडलाइंस का हवाला देते हुए सांसद ने कहा कि ये कदम आयोग के नियमों का खुला उल्लंघन है. SIR के विस्तृत दिशानिर्देशों के पैरा 4(d) के तहत जनप्रतिनिधियों- जैसे न्यायाधीशों, सांसदों और विधायकों के लिए एक 'संरक्षित सूची' का प्रावधान है.
गाइडलाइंस के मुताबिक, अगर किसी जनप्रतिनिधि का नाम डेटाबेस में फ्लैग भी किया जाता है, तो भी उसे ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल रखा जाना अनिवार्य है, ताकि दावों और आपत्तियों' की अवधि के दौरान जरूरी दस्तावेज जमा किए जा सकें. चड्ढा का कहना है कि एक वर्तमान सांसद होने के बावजूद उनके मामले में इन निर्देशों का जानबूझकर उल्लंघन किया गया.
दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान हुई मारपीट के मामले में दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिया…
पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्यमंत्री शरदवत मुखर्जी ने राज्य की स्कूली लड़कियों को अजीबोगरीब सलाह दी है. उन्होंने अपील की है कि लड़कियां अगले तीन महीने तक स्कर्ट न पहने. वे…
एम.पी. /यू.पी., सितंबर 2026: जन्माष्टमी का त्योहार भगवान कृष्ण के जन्म का उत्सव होने के साथ-साथ बचपन की खूबसूरत यादों और परिवार की प्यारी परंपराओं से भी जुड़ा होता है।…
कांग्रेस के दिग्गज नेता शशि थरूर ने हाल ही में आई नेपाल आपदा पर एक लेख लिखा है। इसमें उन्होंने हिमालयी एशिया की नाज़ुक और आपस में जुड़ी हुई पारिस्थितिक…
पिछले कुछ दिनों से जीडीपी को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं. खासकर, जबसे पूर्व वित्त सचिव सुभाष गर्ग ने जीडीपी को लेकर सवाल खड़े किए हैं. सुभाष गर्ग…
बिहार की राजधानी पटना में गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ बाढ़ की स्थिति लगातार बिगड़ रही है. यही हाल राज्य के मुंगेर समेत कई और ज़िलों का है.समाचार एजेंसी…
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका निशु आज़ाद और उनके पिता संजय के लिए न्याय की मांग को लेकर नई दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस…