अब इतिहास पर क्यों आमने-सामने BJP और TMC? योगी और ममता ने क्या कहा, जिन पर छिड़ी ट्विटर जंग
Updated on
21-04-2026 04:38 PM
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के लिए आज शाम प्रचार थम जाएगा लेकिन इससे पहले राज्य की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) और मुख्य विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच सियासी लड़ाई जमीन से होते हुए अतीत के इतिहास और महापुरुषों पर जा टिकी है। दोनों ही पार्टी एक दूसरे पर ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने के आरोप लगा रहे हैं। यानी दोनों की पार्टियां विपक्षी नेताओं को इतिहास के ज्ञान के आधार पर नीचा दिखाने की कोशिशों में जुटे हैं।
इसी सिलसिले में भाजपा आईटी सेल के चीफ अमित मालवीय ने आज (मंगलवार, 21 अप्रैल को) दोपहर में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आरोप लगाया है कि संवैधानिक पद पर बैठीं दीदी को इतिहास की सच्चाई भी नहीं मालूम है। सोशल मीडिया एक्स पर ममता बनर्जी के भाषण का एक वीडियो क्लिप शेयर करते हुए मालवीय ने लिखा, “ममता बनर्जी का दावा है कि गांधी जी ने जलियांवाला बाग हत्याकांड के विरोध में अपनी 'नाइटहुड' की उपाधि लौटा दी थी लेकिन इतिहास कुछ और ही कहता है।”
वो महात्मा गांधी नहीं टैगोर थे
उन्होंने आगे लिखा, “दरअसल, वह रवींद्रनाथ टैगोर थे, जिन्होंने 1919 में जलियांवाला बाग में हुई क्रूरता के विरोध स्वरूप अपनी 'नाइटहुड' की उपाधि ब्रिटिश हुकूमत को लौटा दी थी। तथ्य मायने रखते हैं। खासकर तब, जब पश्चिम बंगाल का नेतृत्व करने का दावा करने वाले लोग इसके सबसे अहम ऐतिहासिक तथ्य को ही सही ढंग से न बता पाएं।”
महुआ मोइत्रा ने क्या लिखा था?
यह सिसायी विवाद तब शुरू हुआ, जब एक दिन पहले यानी 20 अप्रैल को तृणमूल कांग्रेस की लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा ने भाजपा नेता और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उनके एक बयान पर घेरा और उन्हें इतिहास का पाठ पढ़ाते हुए तीखा तंज कसा। मोइत्रा ने सोशल मीडिया एक्स पर योगी आदित्यनाथ को टैग करते हुए लिखा, "नमस्ते 'बुलडोज़र बुद्धि' वाले @myogiadityanath, अपने तथ्यों को ठीक कर लीजिए। नेताजी सुभाष बोस ने कहा था, "तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूँगा।" स्वामी विवेकानंद ने यह बात नहीं कही थी। कृपया वापस UP जाकर अपनी फैंटा पीजिए और बंगाल को उसके हाल पर छोड़ दीजिए। आप तो एक मज़ाक बनकर रह गए हैं।"
राज्य में 23 और 29 अप्रैल को मतदान
इसके बाद भाजपा आईटी सेल ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के एक भाषण में वह गड़बड़ी पकड़ी, जिसमें वह कह रही थीं कि जालियावाला नरसंहार के विरोध में महात्मा गांधी ने नाइटहूड की उपाधि वापस कर दी थी। बहरहाल, बंगाल का सियासी पारा चढ़ा हुआ है। वहां दो चरणों में होने वाले मतदान के लिए टीएमसी और भाजपा ने एड़ी चोटी एक कर दिया है। भाजपा जहां सत्ता पर अपनी ताजपोशी चाहती है, वहीं ममता बनर्जी लगातार चौथी बार अपने सरकार की वापसी के लिए संघर्ष कर रही हैं। राज्य में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होने हैं। 4 मई को चुनाव के नतीजे आएंगे।
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