कांग्रेस का मानना है कि 2024 के लोकसभा चुनावों में उसका 'संविधान खतरे में है' वाला नैरेटिव बेहद कारगर रहा था, जिसने दलित वोटों को एकजुट करने और भाजपा को पूर्ण बहुमत से रोकने में अहम भूमिका निभाई थी। लिहाजा, कांग्रेस अब इसी तर्ज पर 'दलित खतरे में हैं' का एक बड़ा राष्ट्रीय नैरेटिव स्थापित करने में जुट गई है ताकि आने वाले चुनावों में दलित मतों का भारी ध्रुवीकरण किया जा सके। लिहाजा, कांग्रेस अब उत्तराखंड की घटना को एक बड़े कैनवास पर उतारने और उसी रणनीति को दोहराने की कोशिशों में जुट गई है। पार्टी को ऐसा लगता है कि यूपी और पंजाब में इस नैरेटिव का लाभ उसे मिल सकेगा।