लौट आओ रुचिका सिंह! कोई तुम्हें कुछ नहीं कहेगा, पीएम मोदी ने आप जैसी बेटियों को माफ कर दिया है
Updated on
01-08-2026 05:31 PM
लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सबको है, लेकिन जब विरोध की भाषा सड़क छाप गालियों और किसी की स्वर्गीय मां को अपमानित करने तक गिर जाए, तो वह ‘कल्चरल शॉक’ बन जाता है. बीते दिनों जंतर-मंतर पर ठीक ऐसा ही हुआ. रुचिका सिंह समेत कई लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी और उनकी दिवंगत मां के लिए भद्दी गालियों का इस्तेमाल किया. ये तो हमारे सभ्य समाज की पहचान नहीं है. खासकर नोएडा की रहने वाली रुचिका सिंह का जंतर-मंतर वाला वीडियो वायरल होने के बाद इसकी खूब निंदा हो रही है. रुचिका पर जीरो एफआईआर भी हो चुका है. वह कानून के डर से छिपती फिर रही है, लेकिन इन सबके बीच खुद पीएम मोदी की प्रतिक्रिया आई है.
जब पूरा देश रुचिका की गिरफ्तारी की मांग कर रहा था, तब पीएम मोदी ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी कर एक राजनेता नहीं, बल्कि एक पिता और अभिभावक की तरह अपनी बात रखी. उन्होंने साफ कहा, ‘कुछ शरारती बच्चों ने मुझे और मेरी स्वर्गीय माता को गालियां दीं. एक कल्चरल शॉक है कि हमारी बेटियां इस प्रकार की भाषा कैसे बोल सकती हैं. लेकिन मैं आज बात करना चाहता हूं कि बचपन में गलतियां होती हैं और यही तो बचपना है.’
दांत-जीभ वाला उदाहरण
पीएम मोदी ने जो ‘दांत और जीभ’ का उदाहरण दिया, वह भारतीय संस्कारों की सबसे गहरी जड़ है. उन्होंने कहा कि ‘कभी-कभी दांतों तले हमारी जीभ आ जाती है, खून निकल आता है, लेकिन हम दांत तोड़ते नहीं हैं, क्योंकि दांत भी हमारे हैं, जीभ भी हमारी है.’ उनका कहना है कि इन गुमराह बच्चों को अदालतों के चक्कर कटवाना या प्रताड़ित करना हल नहीं है, मैं उन्हें माफ करता हूं. इससे पता चलता है कि लोकतंत्र में गलतियों को सुधारने की गुंजाइश हमेशा बची रहनी चाहिए.
परिवार भी दर्द से गुजर रहा है
रुचिका आज कहां है, यह किसी को नहीं पता, लेकिन उसके पीछे उसका परिवार जिस मानसिक पीड़ा से गुजर रहा है, वह किसी से छिपा नहीं है. न्यूज 18 की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में ‘माइ टाइम यूनिसेक्स सैलून’ के मालिकों ने जो खुलासे किए हैं, वे हैरान करने वाले हैं. सैलून मालिक टीपी त्रिपाठी के मुताबिक, रुचिका वहां अपने असली नाम से नहीं बल्कि मेनशिल (Menshil) नाम से एंट्री करती थी. आईडी (आधार कार्ड) न देने के कारण ही उसे 9 जून को निकाल दिया गया था.
देखो मां कितनी परेशान है
रुचिका ने भले ही जोश में आकर अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर लिया, लेकिन इसका खमियाजा उसकी मां भुगत रही है. सैलून की मालकिन शालिनी ने बताया कि रुचिका की मां का फोन आया था और वे अपनी बेटी की हरकत पर बेहद शर्मिंदा थीं. एक मां ने पुलिस अधिकारियों को लिखित माफीनामा तक सौंप दिया है. जब आपकी मां आपके लिए दुनिया से माफी मांग रही है, तो आपका छिपना किसी भी नजरिए से सही नहीं है.
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