नवीन कानून से लेकर साइबर सुरक्षा तक, बिलासपुर में पुलिसकर्मियों को मिली खास ट्रेनिंग
Updated on
24-09-2026 06:42 PM
पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यकुशलता, विवेचना क्षमता और व्यावसायिक ज्ञान को अद्यतन करने के उद्देश्य से पुलिस लाइन के चेतना हाल में तीन दिवसीय रेंज स्तरीय रिफ्रेशर कोर्स आयोजित किया गया। आइजी रामगोपाल गर्ग के निर्देश और एसएसपी रजनेश सिंह के मार्गदर्शन में हुए प्रशिक्षण के प्रथम बैच में रेंज के विभिन्न जिलों से आरक्षक से निरीक्षक स्तर तक के 150 अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए।
प्रशिक्षण के शुभारंभ अवसर पर एसएसपी रजनेश सिंह ने प्रशिक्षुओं को कोर्स की उपयोगिता और प्रशिक्षण के उद्देश्यों से अवगत कराया। इनडोर सत्र में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) के महत्वपूर्ण प्रावधानों व संशोधनों की जानकारी व्यवहारिक उदाहरणों के साथ दी गई।
विवेचना के दौरान नए कानूनों के प्रावधानों को सही तरीके से लागू करने पर विशेष जोर रहा। तकनीकी पुलिसिंग के तहत साइबर सुरक्षा, साइबर अपराध, सीसीटीएनएस और अपराध अनुसंधान में फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल) की भूमिका पर भी प्रशिक्षण दिया गया। वहीं आउटडोर सत्र में पीटी-परेड, शस्त्रों को खोलने-जोड़ने और बलवा ड्रिल का अभ्यास कराया गया। इससे शारीरिक दक्षता, अनुशासन और कानून-व्यवस्था की परिस्थितियों में टीमवर्क के साथ कार्रवाई की क्षमता को मजबूत करने का प्रयास किया गया।
प्रशिक्षण में पुलिसकर्मियों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को भी शामिल किया गया। ब्रह्माकुमारी संस्था की स्वाति दीदी ने तनाव प्रबंधन पर सत्र लिया। योग और फिजियोथैरेपी के माध्यम से तनाव कम करने तथा कार्य के दौरान मानसिक संतुलन बनाए रखने के उपाय बताए गए। समापन सत्र में आइजी रामगोपाल गर्ग ने प्रशिक्षुओं से सीधे संवाद किया और विवेचना व पुलिस कार्यप्रणाली से जुड़े सवाल पूछे। उन्होंने बीट सिस्टम और सामुदायिक पुलिसिंग की उपयोगिता पर चर्चा की। प्रशिक्षण के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।
नवीन कानून में व्यावहारिक समझ जरूरी : एसएसपी रजनेश सिंह
एसएसपी रजनेश सिंह ने प्रशिक्षण के दौरान कहा कि पुलिसिंग में लगातार बदलाव हो रहे हैं। नई तकनीकों और कानूनों के जुड़ने के साथ पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण जरूरी है। उन्होंने रिफ्रेशर कोर्स को कार्य के दौरान आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों को दूर करने का माध्यम बताया।
उनके अनुसार नवीन कानूनों में हुए बदलावों की स्पष्ट जानकारी होने से विवेचना के दौरान शंका की स्थिति कम होगी और प्रकरणों की जांच में अनावश्यक विलंब से बचा जा सकेगा। उन्होंने प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण को गंभीरता और अनुशासन के साथ लेने तथा कानून के प्रावधानों को व्यवहार में प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए।
पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यकुशलता, विवेचना क्षमता और व्यावसायिक ज्ञान को अद्यतन करने के उद्देश्य से पुलिस लाइन के चेतना हाल में तीन दिवसीय रेंज स्तरीय रिफ्रेशर कोर्स आयोजित…
बेमेतरा जिले के दो अलग-अलग एनडीपीएस मामलों में कार्रवाई करने वाली एक ही छापामार टीम के सदस्यों की एक ही समय में 40 किलोमीटर से अधिक दूरी वाले दो स्थानों…
छत्तीसगढ़ के स्कूली शिक्षा तंत्र को मजबूत करने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने बड़े पैमाने पर भर्तियों की तैयारी की है। प्रदेश के शासकीय…
स्कूल शिक्षा विभाग में व्याख्याता के 854 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत पांच हजार शिक्षकीय पदों…
कोष एवं महालेखाकार रायपुर के अधिकारियों ने जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिरपुर में पदस्थ एक सहायक ग्रेड-02 लिपिक द्वारा स्वयं को 'व्याख्याता एलबी' बताकर आठ माह तक अतिरिक्त…
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत देश को दहला देने वाले झीरम घाटी हत्याकांड में दोषी करार 10 माओवादियाें को सजा सुना दी है। बुधवार को अदालत ने सभी…
गणेशोत्सव से पहले रायपुर में गणेश प्रतिमाओं के स्वरूप को लेकर विवाद की स्थिति बनती नजर आ रही है। मोवा और अमलीडीह क्षेत्र में छह पैक्स और डायनासोर के आकार…