महासमुंद में डिजिटल हस्ताक्षर का दुरुपयोग, लिपिक बना व्याख्याता, आठ माह तक लिया ज्यादा वेतन, अब दर्ज होगा अपराध
Updated on
21-09-2026 10:18 PM
कोष एवं महालेखाकार रायपुर के अधिकारियों ने जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिरपुर में पदस्थ एक सहायक ग्रेड-02 लिपिक द्वारा स्वयं को 'व्याख्याता एलबी' बताकर आठ माह तक अतिरिक्त वेतन आहरण करने का मामला पकड़ा। अब इस मामले में जांच उपरांत लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक ऋतुराज रघुवंशी ने सम्बंधित स्कूल के प्राचार्य व जिला शिक्षा कार्यालय के लिपिक नारायण प्रसाद निर्मलकर को निलंबित किया है।
शुरुआत में इस धोखाधड़ी की भनक न तो स्कूल के प्राचार्य को लगी और न ही बीईओ, डीईओ या जिला कोषालय अधिकारी को। दरअसल, यह मामला जनवरी 2026 में सामने आया। रायपुर स्थित संचालनालय कोष एवं लेखा ने अचानक से सिरपुर स्कूल में ज्यादा वेतन निकलता देखकर जांच की, तब ज्ञात हुआ कि लिपिक नारायण प्रसाद ने स्वयं को व्याख्याता बना लिया है और व्याख्याता का वेतन ले रहा है। यही नही एक अन्य व्याख्याता को भी उसके वेतन से अधिक वेतन दिया जा रहा है। तब, तुरंत लिपिक को निलंबित किया गया।
डिजिटल हस्ताक्षर का दुरुपयोग कर बदला पदनाम
जानकारी के अनुसार, संबंधित कर्मचारी नारायण प्रसाद निर्मलकर स्कूल में सभी का वेतन तैयार करता था। वह प्राचार्य उमा ठाकुर (अब इस मामले में निलंबित) से डिजिटल सिग्नेचर कराकर कोषालय से वेतन आहरित करवा लेता था। डीईओ द्वारा जारी पत्र के अनुसार, निर्मलकर ने मई 2025 से दिसंबर 2025 के बीच अपने मूल पदनाम (लेवल-06) को बदलकर व्याख्याता एलबी (लेवल-09) कर लिया और वेतन निर्धारण में भी वृद्धि कर ली। इस प्रक्रिया के माध्यम से उसने शासन को लगभग 13 लाख रुपये की आर्थिक क्षति पहुंचाई।
प्राचार्य से लेकर कोषालय अधिकारी तक की चूक !
इस वित्तीय अनियमितता ने प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लिपिक द्वारा लगातार आठ माह तक बढ़ा हुआ वेतन आहरित किया गया, लेकिन प्राचार्य, ब्लाक शिक्षा अधिकारी और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के आनलाइन रिकार्ड मिलान में यह गड़बड़ी नहीं पकड़ी गई। जिला कोषालय अधिकारी के पास हर माह जाने वाले वेतन पत्रक की जांच में भी इस चूक का न पकड़ा जाना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।
अबतक नहीं हुई एफआईआर, विभागीय जांच
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) विजय कुमार लहरे ने 27 जनवरी को लिपिक को निलंबित कर बीईओ कार्यालय अटैच कर दिया था। हालांकि मामला आर्थिक अपराध से जुड़ा होने के कारण कलेक्टर विनय कुमार ने एफआईआर के निर्देश दिए थे, किन्तु अबतक मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की गई है
स्कूल शिक्षा विभाग में व्याख्याता के 854 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत पांच हजार शिक्षकीय पदों…
कोष एवं महालेखाकार रायपुर के अधिकारियों ने जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिरपुर में पदस्थ एक सहायक ग्रेड-02 लिपिक द्वारा स्वयं को 'व्याख्याता एलबी' बताकर आठ माह तक अतिरिक्त…
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत देश को दहला देने वाले झीरम घाटी हत्याकांड में दोषी करार 10 माओवादियाें को सजा सुना दी है। बुधवार को अदालत ने सभी…
गणेशोत्सव से पहले रायपुर में गणेश प्रतिमाओं के स्वरूप को लेकर विवाद की स्थिति बनती नजर आ रही है। मोवा और अमलीडीह क्षेत्र में छह पैक्स और डायनासोर के आकार…
छत्तीसगढ़ के न्यायिक इतिहास में आज एक नया और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है। राजधानी रायपुर स्थित लोकभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम् में एक गरिमामयी शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया…
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत 1.75 लाख रुपये की सब्सिडी बैंक द्वारा वापस किए जाने के मामले में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने कलेक्टर को जांच और निर्णय का…
छत्तीसगढ़ की राजनीति में इन दिनों स्मार्ट मीटर को लेकर घमासान मचा हुआ है। विधानसभा नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर स्मार्ट मीटर के…
बिलासपुर की जिला न्यायाधीश आदित्य जोशी की अदालत ने एक महिला को आदेश दिया है कि वह जमीन की बिक्री के करार के अनुसार रजिस्ट्री और पंजीकरण कराए। महिला ने…