शी जिनपिंग की भारत यात्रा और ब्रिक्स 2026 को चीन का मीडिया कैसे देख रहा है
Updated on
13-09-2026 12:41 PM
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग दिल्ली पहुंच गए हैं. शी के अलावा इस बैठक में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान और अन्य कई देशों के नेता दिल्ली में मौजूद हैं.
यह शिखर सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को हो रहा है.
भारत चौथी बार ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेज़बानी कर रहा है. लेकिन मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में ब्रिक्स की यह बैठक काफ़ी अहम है.
एक तरफ ईरान युद्ध की वजह से मध्य-पूर्व में हालात काफ़ी जटिल हो गए हैं. वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ़ और वैश्विक व्यापार को लेकर रुख़ ने कई देशों के सामने मुश्किलें खड़ी की हैं.
ऐसी स्थिति में चीन ने ख़ुद को अमेरिका के सामने न केवल सैन्य और आर्थिक ताक़त बल्कि बड़े उत्पादक और आपूर्तिकर्ता के तौर पर स्थापित किया है.
जिनपिंग की यह यात्रा गलवान में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई भिड़ंत के बाद पहली भारत यात्रा है.
इसलिए न केवल वैश्विक हालात बल्कि भारत-चीन संबंधों के लिहाज से भी जिनपिंग की यह यात्रा काफ़ी अहम है. ऐसे में भारत ही नहीं कई देशों की नज़र ब्रिक्स शिखर सम्मेलन पर है.
यही नहीं चीन ख़ुद जिनपिंग की भारत यात्रा पर नज़र बनाए हुए है.
ग्लोबल टाइम्स ने 'ब्रिक्स के 20 साल: दुनिया चीन के विज़न को सुनने के लिए उत्सुक है' शीर्षक से संपादकीय प्रकाशित की है.
इसमें टिप्पणी की गई है कि दुनिया जितनी अधिक उथल-पुथल और बदलाव से गुजरती है, ब्रिक्स सहयोग की अनूठी अहमियत उतनी ही स्पष्ट होती जाती है.
इसमें कहा गया है कि जैसे-जैसे ब्रिक्स में ज़रूरी सुधार हो रहा है और इसकी क्षमता बढ़ रही है "यह भरोसा बढ़ रहा है कि ब्रिक्स सहयोग में बहुत बड़ी संभावनाएं हैं और इसके देशों का भविष्य उज्ज्वल है."
चाइन डेली ने अपनी एक ख़बर में लिखा, शनिवार से रविवार तक, शी भारत के नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 में शामिल होंगे. इस दौरान वह व्यापक ब्रिक्स सहयोग के उच्च गुणवत्ता वाले विकास की दिशा तय करने के लिए प्रमुख चीनी प्रस्ताव और पहल पेश करेंगे.
चाइना डेली ने चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग के एक बयान का ज़िक्र किया है जिसमें उन्होंने कहा कि चीन सभी ब्रिक्स पक्षों के साथ काम करने के लिए तैयार है, ताकि व्यापक सहयोग लगातार आगे बढ़ता रहे और मानवता के साझा भविष्य वाले समुदाय के निर्माण में योगदान दिया जा सके.
वहीं ग्लोबल टाइम्स लिखता है, "शी जिनपिंग मौजूदा हालात में ब्रिक्स के लिए चीन की महत्वपूर्ण पहल और प्रस्ताव पेश करेंगे. इससे व्यापक ब्रिक्स सहयोग के बेहतर विकास की दिशा तय होगी. ऐसे समय में जब ब्रिक्स सहयोग तंत्र अपनी 20वीं वर्षगांठ मना रहा है, दुनिया चीन के विज़न को सुनने के लिए उत्सुक है."
ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक़, "ब्रिक्स देश अलग-अलग क्षेत्रों में हैं. उनका इतिहास, संस्कृति और विकास के रास्ते अलग हैं, फिर भी वे विकास, रणनीतिक स्वायत्तता और वैश्विक शासन में सुधार की साझा आकांक्षाओं को लेकर एक साथ आए हैं."
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग दिल्ली पहुंच गए हैं. शी के अलावा इस बैठक में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरान के राष्ट्रपति मसूद…
इमेज कैप्शन,ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंगचीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान कहा कि ब्रिक्स देशों को इतिहास…
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