शशि थरूर को हुई राहुल गांधी की चिंता, हिरासत में लिए जाने पर भड़के; प्रदर्शन में खुद क्यों
Updated on
07-10-2026 11:25 AM
विपक्षी इंडिया गठबंधन ने मंगलवार को नई दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ बड़ा मोर्चा खोल दिया। धरना, प्रदर्शन और नारेबाजी के बीच कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी हिरासत में भी लिए गए। हालांकि देर रात उन्हें छोड़ दिया गया, लेकिन कांग्रेस सांसद शशि थरूर भड़क उठे। शशि थरूर इस प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए पर उन्होंने सरकार पर हमला बोला है। थरूर ने कहा कि वे राहुल गांधी के साथ हाथापाई की तस्वीरें देखकर बेहद दुखी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मामले को लेकर सरकार की प्रतिक्रिया शर्मनाक है।
शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में यह बातें लिखीं। उन्होंने पोस्ट में लिखा, “नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से हाथापाई करने और उन्हें हिरासत में ले जाने की तस्वीरें देखकर मैं बहुत परेशान हूं। ऐसे समय में जब 13 करोड़ मतदाताओं को मताधिकार से वंचित कर भारतीय लोकतंत्र को तहस-नहस किया जा रहा है, उस समय विरोध प्रदर्शन करना हर उस नागरिक के साथ खड़ा होना है जिसके संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है। सरकार की प्रतिक्रिया शर्मनाक है।"
खुद क्यों नहीं आए?
शशि थरूर ने आगे यह भी बताया कि वे इस प्रदर्शन में शामिल क्यों नहीं हुए। उन्होंने कहा कि वे एक कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने के लिए जर्मनी में हैं। उन्होंने लिखा, “क्योंकि चार महीने पहले बर्लिन में एक कॉन्फ्रेंस में शामिल होने का वादा कर चुका था, मैं दूर से ही समर्थन कर सकता हूं। लेकिन मेरा दिल वहीं हैं। न्याय जरूर मिलेगा।”
राहुल गांधी हिरासत में
इससे पहले चुनाव आयोग के खिलाफ हल्ला बोलने वाले राहुल गांधी को आयोग के मुख्यालय से कुछ ही दूरी पर स्थित आकाशवाणी भवन परिसर में धरने के करीब आठ घंटे बाद हिरासत में ले लिया गया। उनके साथ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, केसी वेणुगोपाल और विपक्षी दलों के कुछ अन्य नेताओं को भी हिरासत में ले लिया गया। हालांकि करीब दो घंटे बाद रात लगभग 10 बजे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाद्रा और अन्य नेताओं को रिहा कर दिया गया।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दलों के नेताओं समेत करीब 260 लोगों को भी हिरासत में लिया गया। पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिए गए लोगों में 10 सांसद भी शामिल थे। हिरासत में लिए जाने के बाद राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, "लोकतंत्र के गद्दारों को बचाने के लिए बचे-खुचे लोकतंत्र को घसीटा गया है। हिसाब होगा, एक भी देशद्रोही बख्शा नहीं जाएगा।'' विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
इंडिया गठबंधन का प्रदर्शन
दिल्ली में राजनीतिक रूप से नाटकीय घटनाक्रम की शुरुआत विपक्षी इंडिया गठबंधन के सांसदों के मार्च से हुई। यह मार्च संसद भवन से निर्वाचन सदन के लिए निकाला गया था। पुलिस ने विपक्षी दलों के सांसदों को संसद मार्ग पर नीति आयोग और आकाशवाणी भवन के सामने रोक दिया। इसके बाद विपक्षी सांसद सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। कुछ देर बाद, पुलिस ने कई विपक्षी सांसदों को हिरासत में ले लिया। हालांकि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस तथा सहयोगी दलों के कुछ नेता आकाशवाणी भवन परिसर में एक बरगद के पेड़ के नीचे धरने पर बैठ गए।
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