शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में धूमधाम से मनाई गई श्रीकृष्ण जन्माष्टमी
Updated on
05-09-2026 09:31 PM
"श्रीकृष्ण चरित्र एवं कर्मयोग विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, संस्कार एवं जीवन-दर्शन से जोड़ने का सशक्त माध्यम"
"श्रीकृष्ण का निष्काम कर्मयोग, सत्य और साहस का संदेश आज की युवा पीढ़ी के लिए अत्यंत प्रासंगिक है।"
- डॉ. सरोज गुप्ता (प्राचार्य)
सागर। शासकीय कला एवं वाणिज्य (अग्रणी) महाविद्यालय, सागर में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव ‘श्रीकृष्ण जन्माष्टमी’ अपार श्रद्धा, उल्लास और भव्यता के साथ मनाया गया। संपूर्ण महाविद्यालय परिसर दिन भर कृष्णमय वातावरण और भक्ति रस से सराबोर रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्रीकृष्ण के पूजन-अर्चन एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात रंग-बिरंगे परिधानों में सजे विद्यार्थियों द्वारा भगवान श्रीकृष्ण, राधारानी एवं गोकुल की मनमोहक झांकियां प्रस्तुत की गईं, जिसने उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता ने अपने उद्बोधन में कहा कि जन्माष्टमी जैसे सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों को अपनी समृद्ध भारतीय संस्कृति, उच्च संस्कारों तथा श्रीकृष्ण के कर्मयोग से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। वहीं डॉ. संगीता मुखर्जी ने श्रीमद्भगवद्गीता के निष्काम कर्म के संदेश को आधुनिक जीवन में उपयोगी बताया तथा डॉ. अवधेश प्रताप सिंह ने श्रीकृष्ण के जीवन को कर्तव्य, सत्य, प्रेम और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा बताया।
कार्यक्रम का संचालन कर रहीं डॉ. प्रज्ञा दुबे ने विद्यार्थियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर छात्रा खुशी राय, जिया गौड़, स्वाति पटेल एवं एकता मेहरा द्वारा आकर्षक नृत्य तथा बबली गौड़, अंजलि लोधी, अर्चना पटेल, हिमानी पटेल, कुमुदिनी तिवारी, हिना वहना व गायत्री सूर्यवंशी द्वारा सुमधुर भजनों की प्रस्तुति दी गई। बाल लीलाओं पर आधारित मटकी फोड़ प्रतियोगिता कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही।
मीडिया प्रभारी डॉ. संदीप सबलोक ने बताया कि प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता के निर्देशन में महाविद्यालय में इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन विद्यार्थियों के केवल बौद्धिक ही नहीं, बल्कि नैतिक, आध्यात्मिक और सर्वांगीण विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे आयोजनों से युवाओं में सांस्कृतिक चेतना और उच्च जीवन मूल्यों का विकास होता है।
इस गरिमामय अवसर पर डॉ. राना कुंजर सिंह, डॉ. सुरेंद्र यादव, डॉ. शैलेंद्र सिंह राजपूत, डॉ. वसुंधरा गुप्ता, डॉ. रवींद्र सिंह ठाकुर, डॉ. डी.के. नामदेव, लेफ्टिनेंट कीर्ति रैकवार सहित बड़ी संख्या में प्राध्यापक, अधिकारी-कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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