टीएमसी और उसके चुनाव चिह्न पर ईसी की रोक, राहुल गांधी बोले, 'ये सिर्फ़ ममता बनर्जी की लड़ाई नहीं'
Updated on
18-09-2026 12:30 PM
चुनाव आयोग ने गुरुवार को जारी एक अंतरिम आदेश में पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा क्षेत्र में होने वाले उपचुनावों में तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों को पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न का इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी.
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और विधानसभा में मौजूदा नेता प्रतिपक्ष रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले दोनों गुटों से कहा कि वे शुक्रवार सुबह 11 बजे तक उपचुनाव के लिए अपने-अपने गुटों के वैकल्पिक नाम और चुनाव चिह्न के प्रस्ताव जमा करें.
कांग्रेस ने कहा कि चुनाव आयोग का यह क़दम भारतीय लोकतंत्र के दिल में गोली दागने की तरह है.
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इसे 'पार्टी चोरी' क़रार दिया.
उन्होंने फ़ेसबुक पर एक पोस्ट में लिखा, ''पहले शिवसेना, फिर एनसीपी और अब तृणमूल कांग्रेस. हर बार एक ही पैटर्न. बीजेपी और चुनाव आयोग मिलकर एक पार्टी को तोड़ते हैं. फिर उसका चुनाव चिह्न छीन लिया जाता है. जब पूरी की पूरी पार्टी चोरी हो सकती है, तो करोड़ों भारतीयों के वोट चोरी होना भी हैरानी की बात नहीं.''
उन्होंने लिखा, ''वोट चोरी. सरकार चोरी. अब पार्टी चोरी. ये हमारे लोकतांत्रिक पतन के प्रतीक बन गए हैं. भारतीय निवार्चन आयोग की संवैधानिक ज़िम्मेदारी जनादेश की रक्षा करना है. मगर उल्टा वो उन ताक़तों की मदद कर रहा है, जो जनता के फैसले को ही पलट देते हैं.''
राहुल गांधी ने लिखा, ''यह लड़ाई सिर्फ़ ममता बनर्जी जी की नहीं है. यह हर राजनीतिक दल, हर मतदाता की लड़ाई है जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहता है.''
वहीं कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "चुनाव आयोग ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह बीजेपी के हाथों की कठपुतली के अलावा कुछ नहीं है.
चुनाव आयोग के इस फ़ैसले पर 'बैटलग्राउंड बंगाल' के लेखक और कोलकाता के ज़ेवियर कॉलेज में पत्रकारिता के अध्यापक सायंतन घोष ने लिखा है, ''मेरे विचार में निर्वाचन आयोग की ओर से टीएमसी के नाम और चुनाव चिह्न को फ्रीज किया जाना पूरी तरह अप्रत्याशित नहीं था.''
''संगठन से जुड़े ऐसे विवादों में आयोग पहले भी इसी तरह का रुख़ अपनाता रहा है. बड़ा मुद्दा यह है कि इस स्तर पर आयोग ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस को टीएमसी के रूप में मान्यता देने से इनकार किया है, जबकि ममता बनर्जी पार्टी की संस्थापक-अध्यक्ष हैं.''
''यह ममता की टीएमसी के लिए एक बड़ा झटका है. हो सकता है कि उन्हें इसकी आशंका रही हो, लेकिन जिस पार्टी की स्थापना उन्होंने ख़ुद की, उसकी पहचान और चुनाव चिह्न खोना बंगाल के लिए एक असाधारण राजनीतिक घटनाक्रम है. यह तथ्य कि जिसने पार्टी बनाई उसे ही मान्यता के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, बंगाल के चुनावी इतिहास में ये अभूतपूर्व है
चुनाव आयोग ने क्या कहा?
के पैरा 15 के तहत इस मामले में उचित फ़ैसले की ज़रूरत है.
चुनाव आयोग ने कहा कि आदेश दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों को समान स्थिति में रखने और उनके अधिकारों के साथ हितों की रक्षा के लिए दिया गया है.
आदेश में कहा गया, "अरूप रॉय (याचिकाकर्ता) और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले दोनों गुटों में से किसी एक को भी टीएमसी के नाम और चुनाव चिह्न के इस्तेमाल की अनुमति नहीं होगी. दोनों गुटों की पहचान उन नामों से होगी, जिन्हें वे अपने-अपने गुट के लिए चुनेंगे. अगर वे चाहें, तो अपने मूल दल टीएमसी से संबंध का उल्लेख भी अपने नाम में कर सकते हैं. दोनों गुटों को मौजूदा उपचुनावों के लिए निर्वाचन आयोग की ओर से अधिसूचित चुनाव चिह्नों की सूची में से अपनी पसंद के अलग-अलग चुनाव चिह्न भी आवंटित किए जाएंगे."
नवोदय विद्यालय को लेकर तमिलनाडु सरकार के अड़ियल रुख पर सुप्रीम कोर्ट का पारा चढ़ गया है. जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने राज्य सरकार…
FASTag इस्तेमाल करने वाले करोड़ों वाहन मालिकों के लिए काम की खबर है. अब अगर आप अपने FASTag का बैंक बदलना चाहते हैं तो गाड़ी की विंडस्क्रीन पर नया FASTag…
चुनाव आयोग ने गुरुवार को जारी एक अंतरिम आदेश में पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा क्षेत्र में होने वाले उपचुनावों में तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों को पार्टी…
चूरू ज़िले के सुजानगढ़ से आगे बढ़ते हुए जब आप चारिया गांव की तरफ़ जाते हैं तो सड़क धीरे-धीरे छोटी होती जाती है.सामने रेतीली पगडंडी और उसके आसपास राजस्थान के…
लोकसभा ने पिछले महीने उस बिल को मंज़ूरी दी थी, जो बैंकों और अन्य पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स को देश के इंस्टैंट पेमेंट नेटवर्क के ज़रिए होने वाले लेनदेन पर शुल्क…
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 17 सितंबर को भगवान विश्वकर्मा जयंती और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन की प्रदेशवासियों को बधाई दी। उन्होंने भगवान विश्वकर्मा से प्रदेश की सुख-समृद्धि की…
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 13 सितंबर को लाड़ली बहनों को बड़ी सौगात दी। उन्होंने आगर मालवा जिले से 1.25 करोड़ से ज्यादा बहनों के खातों में 1835…
भविष्य निधि (ईपीएफ़), कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस) और कर्मचारी मुफ़्त जीवन बीमा (ईडीएलआई) का लाभ मिलता है.अब तक ये तीनों लाभ केवल 15 हज़ार रुपये तक की सैलरी वालों को…