ओंकारेश्वर में 'एकात्म पर्व' की शुरुआत, सीएम मोहन यादव ने कहा- युगों-युगों तक याद रहेंगे आदि गुरु शंकाराचार्य
Updated on
17-04-2026 11:42 PM
ओंकारेश्वर स्थित एकात्म धाम में पांच दिवसीय एकात्म पर्व की शुरुआत हुई है। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री मोहन यादव ने की है। इस मौके पर उन्होंने एकात्म पर्व पर आधारित प्रदर्शनी की अवलोकन भी किया। इस कार्यक्रम में द्वारका शारदा पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती महाराज सहित कई संत और शिष्य उपस्थित थे।
शंकराचार्य से धन्य हुई एमपी की धरा
सीएम मोहन यादव ने कहा कि भगवान शंकराचार्य के कारण मध्यप्रदेश की धरा धन्य हुई। अगर श्रीराम के युग से स्मरण करें तो भगवान वनवास के समय चित्रकूट के धाम पर आए। भगवान ने मध्यप्रदेश के जरिए राम राज्य स्थापित किया। भगवान ने बताया कि पारिवारिक रिश्ते कैसे हों, शासन के सूत्र कैसे हों। उन्होंने कहा कि 5 हजार साल पहले कंस को मारने के बाद भगवान कृष्ण उज्जैयनी में आए। उन्होंने सांदीपनि आश्रम में अलग ही तरह का जीवन-यापन किया। उनका कर्मवाद पर आधारित जीवन हमें प्रेरणा देता है।
केरल से चलकर आदि गुरु शंकराचार्य आए
उन्होंने कहा कि इसी तरह कठिन काल में केरल से चलकर आदि गुरु शंकराचार्य बालक के रूप में शंकर बनकर एकात्म धाम पर आते थे। हम युगों-युगों तक उन्हें स्मरण करते रहेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्ता की व्यवस्था का सनातन-संस्कृति का गठबंधन किया। उन्होंने कहा कि पंचतत्वों से बना हुआ शरीर ही हमारे लिए पर्याप्त नहीं है। परमात्मा की कृपा से इस तरह के कार्यक्रम अनवरत जारी हों। मैं इसके लिए सभी संतों का अभिनंदन करता हूं।
क्यों खास हैं एकात्म धाम
एकात्म धाम में आदि गुरु शंकराचार्य यहां बाल रूप में आए थे
यहां से उन्होंने सनातन धर्म का प्रसार किया
ओंकार पर्वत पर बना है एकात्म धाम
एकात्म धाम में ही एकात्म पर्व का हो रहा आयोजन
जो कर सको, इसी जन्म में कर लो
इस मौके पर श्री द्वारका शारदा पीठ के जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि अनेकता के लिए कोई प्रमाण नहीं चाहिए, हम विचारों-मुख मंडल से, स्वभाव से भी अलग है। तो एकता कैसे सिद्ध करेंगे। यदि इसी जन्म में जान लिया तो ठीक है, जरूरी नहीं कि मनुष्य का शरीर आपको दोबारा मिले। भगवान शंकराचार्य कहते हैं कि प्राणी मात्र में परमात्मा का दर्शन करने वाला अमृत्व को प्राप्त कर लेता है। वही एकात्मा सिद्ध कर सकता है। उन्होंने कहा कि आत्मबोध होना चाहिए। ब्रह्म-भगवान-आत्मा तीनों एक हैं। मानव सबकुछ जानना चाहता है, लेकिन अपने आप को जानना नहीं चाहता। यही विचार करने और जानने योग्य बात है। उन्होंने कहा कि हमें तत्व को समझना चाहिए। मैं कौन हूं, कहां से आया हूं, मेरा लक्ष्य क्या है, उस लक्ष्य को प्राप्त करने का उपाय क्या है। यह जानना जरूरी है। हम सब सच्चिनांद स्वरूप हैं। ये जगत भोग-विलास के लिए नहीं है, बल्कि जगदीश्वर को प्राप्त करने के लिए है। हमें वेदों का पालन करना चाहिए।
Land Compensation: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 22 अप्रैल को किसानों के हित में अद्भुत-अकल्पनीय और ऐतिहासिक फैसला किया. उन्होंने फैसला किया है कि अब प्रदेश सरकार किसी…
MP Farmers Get 4x Compensation for Land Acquisition, Cabinet Decision: मध्य प्रदेश सरकार ने कैबिनेट बैठक में किसानों के लिए बड़ा फैसला लेते हुए कृषि भूमि के अर्जन पर बाजार…
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी साझा करते हुए सीएम मोहन यादव ने बताया कि राज्य सरकार ने गेहूं खरीदी के लिए एक क्रमबद्ध योजना तैयार की है. सरकार की…
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान ने हिंसक रूप अख्तियार कर लिया है. एक तरफ मतदाता भारी संख्या में पोलिंग बूथों पर पहुंच रहे हैं, वहीं दूसरी…
भोपाल। विश्व सनातन कल्याण संघ द्वारा संगठन विस्तार एवं सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए श्रीमती शिखा जोशी निवासी भोपाल को राष्ट्रीय सलाहकार (महिला प्रकोष्ठ) के पद…
"सर्व के सहयोग से ही संभव है पृथ्वी की सुरक्षा" पवित्र विचार, सुंदर संसार” — पृथ्वी दिवस पर संकल्प और सृजन का संगम"चित्रों में नहीं, जीवन में उतारनी होगी सुंदर पृथ्वी”पृथ्वी…
मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर प्रदेशवासियों के नाम संदेश जारी किया और विपक्ष पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी…
मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक आयोजित हुई, जिसमें प्रदेश के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. बैठक में किसानों के हित में…