रायपुर रेलवे स्टेशन पर स्वास्थ्य सेवा वेंटिलेटर पर, प्लेटफार्म पर चादर के घेरे में प्रसव, नवजात की मौत
Updated on
20-06-2026 02:07 PM
राजधानी के रेलवे स्टेशन पर दावों और हकीकत के बीच की खाई एक बार फिर उजागर हो गई है। चलती ट्रेन में प्रसव पीड़ा से तड़पती एक गर्भवती महिला को प्लेटफार्म नंबर-5 पर आपात स्थिति में उतारना पड़ा। स्टेशन पर किसी स्थायी डाक्टर की तैनाती न होने के कारण यात्रियों और सफाई कर्मियों ने साड़ियों व चादरों का घेरा बनाकर गोपनीयता की व्यवस्था की, जिसके बीच रेलवे के 'आन-काल' डॉक्टर ने प्रसव तो कराया, लेकिन समय से पहले जन्मे नवजात को बचाया नहीं जा सका।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार बिहार के दरभंगा जा रही गर्भवती महिला लक्ष्मी देवी ट्रेन क्रमांक 17005 सिकंदराबाद-रक्सौल एक्सप्रेस के जनरल कोच में सफर कर रही थीं। दुर्ग स्टेशन से छूटने के बाद उन्हें तीव्र प्रसव पीड़ा शुरू हुई। सह-यात्रियों की सूचना पर टीटीई ने कमर्शियल कंट्रोल रूम के माध्यम से रायपुर स्टेशन पर मेडिकल अलर्ट भेजा। ट्रेन जब प्लेटफार्म पर पहुंची, तब तक महिला की स्थिति अत्यंत गंभीर हो चुकी थी।
तीन बार विज्ञापन निकालने के बाद भी डाक्टर के पद खाली
रायपुर रेलवे स्टेशन पर लंबे समय से स्थायी मेडिकल यूनिट की मांग की जा रही है। रेलवे ने पिछले एक वर्ष में डाक्टर की नियुक्ति के लिए तीन बार विज्ञापन जारी किए, लेकिन एमबीबीएस डिग्री की अनिवार्यता और शर्तों के कारण एक भी आवेदन प्राप्त नहीं हुआ। वर्तमान में स्थिति यह है कि किसी भी आपात स्थिति में रेलवे अस्पताल से डाक्टरों की टीम बुलानी पड़ती है, जिससे कीमती समय नष्ट होता है
मंदिर हसौद थाना क्षेत्र में कंस्ट्रक्शन कारोबारी के अकाउंटेंट से हुई 10 लाख रुपये की लूट का मास्टरमाइंड कंपनी का ही कर्मचारी दिनेश राव निकला। मजदूरों के भुगतान के लिए…
जिले के नंदिनी नगर थाना क्षेत्र में एक महिला की शिकायत पर पुलिस ने उसके पति के खिलाफ पहचान छिपाकर शादी करने, जबरन मतांतरण कराने और लगातार प्रताड़ित करने के…
छत्तीसगढ़ कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में अपने प्रभावी नेतृत्व तथा सुरक्षा अभियानों के लिए पहचान रखने वाले 2003 बैच के अधिकारी सुंदरराज पी. को राष्ट्रीय…
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में पदस्थ 18 अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादले के आदेश जारी किए हैं। इसमें 16 नगर पालिकाओं में मुख्य…
विद्याचरण शुक्ला का राजनीतिक उदय अत्यंत वैभवशाली रहा। अविभाजित मध्य प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री पं. रविशंकर शुक्ला के पुत्र होने के नाते राजनीति उनके रक्त में थी। महज 27 वर्ष…