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मार्को रुबियो ने ईरानी विदेश मंत्री को न्यूयॉर्क से जाने को कहा? ईरान ने दिया जवाब

Updated on 01-10-2026 06:37 PM
संयुक्त राष्ट्र महासभा के लिए न्यूयॉर्क आए ईरानी प्रतिनिधिमंडल को तय समय से पहले वापस भेजने की बात कही जा रही है.

समाचार एजेंसी एपी के अनुसार, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ईरान के विदेश मंत्री और उनके प्रतिनिधिमंडल को संयुक्त राष्ट्र महासभा के लिए न्यूयॉर्क में उनके तय कार्यक्रम से पहले ही वहाँ से जाने का आदेश दिया था. एजेंसी को दो अमेरिकी अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी.

ट्रंप प्रशासन ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान और विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची को अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ अमेरिका आने के लिए वीज़ा दिया था. कड़ी शर्तों के साथ जारी यह वीज़ा संयुक्त राष्ट्र महासभा की वार्षिक बैठक में शामिल होने के लिए दिया गया था.

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान पिछले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र में भाषण देने के एक दिन बाद न्यूयॉर्क से रवाना हो गए थे. लेकिन विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची न्यूयॉर्क में रुके हुए थे.

बताया गया कि वह अमेरिका के साथ अप्रत्यक्ष बातचीत में शामिल होने वाले थे. इन वार्ताओं में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को फिर से खोलने, संघर्ष ख़त्म करने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत दोबारा शुरू करने जैसे मुद्दे शामिल थे.

ईरान ने दिया जवाब
हालांकि ईरान ने इस रिपोर्ट को ख़ारिज किया है. यूएन में ईरानी मिशन ने एक्स पर अपने आधिकारिक अकाउंट से एक पोस्ट में कहा है कि अमेरिकी विदेश मंत्रालय झूठी ख़बरें फैला रहा है.

ईरानी मिशन ने अपनी पोस्ट में लिखा है, ''ईरानी प्रतिनिधिमंडल सोमवार शाम न्यूयॉर्क से उसी कार्यक्रम के अनुसार रवाना हुआ, जिसकी जानकारी 17 सितंबर को पहले ही अमेरिकी विदेश मंत्रालय को भी दे दी गई थी. कुछ हासिल न कर पाने के बाद अमेरिकी विदेश मंत्रालय अब निराधार और बेबुनियाद ख़बरें फैलाने का सहारा ले रहा है.''

अविश्वास का भी पता चलता है, ख़ासकर ऐसे समय में जब युद्ध ख़त्म कराने की कोशिशों में कोई ख़ास प्रगति नहीं हो रही है.''

क़तर के मध्यस्थों ने अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक समाधान की कोशिश की, लेकिन बहुत कम प्रगति हुई. दोनों में से कोई भी पक्ष अपने रुख़ से पीछे हटने को तैयार नहीं था.

एक्सिओस ने लिखा है, ''अमेरिकी अधिकारी ने कहा, "विदेश मंत्री रुबियो ने ईरानी प्रतिनिधिमंडल को बाहर कर दिया, क्योंकि वे तय समय से ज़्यादा रुक चुके थे. संयुक्त राष्ट्र महासभा ख़त्म हो चुकी थी, इसलिए अब उनके जाने का समय था.''

बुधवार को पत्रकारों ने जब राष्ट्रपति ट्रंप से पूछा कि वह ऐसे शासन के साथ समझौता कैसे कर सकते हैं, जिसे वह पागल बताते हैं, तो ट्रंप ने कहा, "शायद मैं उन्हें उड़ा दूंगा. शायद मैं उन्हें उड़ा दूंगा. हमें यह फ़ैसला करना होगा. या तो हम उन्हें उड़ा देंगे या फिर कोई समझौता करेंगे. लेकिन अब समय आ गया है. किसी न किसी तरह यह बहुत जल्द ख़त्म होने वाला है."

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