125 नहीं... अब मिलेगा 150 दिन का काम, CM विजय सरकार का बड़ा फैसला, VB-G RAM G के तहत अतिरिक्त रोजगार देने की मंजूरी
Updated on
20-10-2026 02:47 PM
तमिलनाडु की सी. जोसेफ विजय सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। वीबी-जीरामजी योजना के तहत 125 दिनों का रोजगार पूरा करने वाले पात्र ग्रामीण परिवारों के लिए राज्य कोष से 25 अतिरिक्त दिनों के सवैतनिक रोजगार की घोषणा की गई है। मंगलवार को आधिकारिक सूत्रों के हवाले ये जानकारी सामने आई है।
पहले 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी
एक आदेश के अनुसार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005 (मनरेगा) को निरस्त किए जाने के बाद केंद्र सरकार ने देशभर में 'विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)' (VB-G RAM G) योजना शुरू की। इसे एक जुलाई 2026 से तमिलनाडु में लागू किया गया, जिसके तहत 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी दी गई।
अब 150 दिनों का दिया जाएगा रोजगार
पहल की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इसके तहत साल में 150 दिन तक सहायता उपलब्ध कराई जाए। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (आरडी-पीआरडी) ने इस संबंध में प्रशासनिक मंजूरी देते हुए कमजोर वर्गों के परिवारों को प्राथमिकता देने का आदेश जारी किया है। अतिरिक्त 25 दिन के रोजगार में उन परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनकी मुखिया महिलाएं हैं।
इन लोगों मिलेगा योजना का खास लाभ
इसके अलावा अकेली महिलाओं, दिव्यांग सदस्यों वाले परिवारों, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के परिवारों तथा अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परंपरागत वनवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006 के तहत लाभार्थियों को भी प्राथमिकता मिलेगी। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के आयुक्त को चेन्नई को छोड़कर सभी जिलों में राशि वितरित करने के लिए अधिकृत किया गया है।
क्या है VB-G RAM G योजना?
बता दें कि VB-G RAM G योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने से जुड़ी योजना है। इसका उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को रोजगार के अवसर देना, ग्रामीण आजीविका को मजबूत करना और गांवों में विकास कार्यों को बढ़ावा देना है। इस योजना के तहत रोजगार की अवधि, पात्रता और कार्यों से जुड़े प्रावधान संबंधित सरकारी नियमों के अनुसार निर्धारित होते हैं।
इस योजना का पूरा नाम विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) है। इसके तहत प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय साल में 125 दिनों के मजदूरी वाले रोजगार की कानूनी गारंटी दी गई है, जबकि पहले मनरेगा के तहत 100 दिनों के रोजगार की गारंटी थी। इस तरह नई व्यवस्था में 25 दिन का अतिरिक्त रोजगार शामिल है। योजना के तहत ग्रामीण बुनियादी ढांचे, जल संरक्षण और आजीविका से जुड़े कार्यों को भी बढ़ावा दिया जाना है।
दिल्ली के आईपी एक्सटेंशन स्थित डीडीए उत्सव ग्राउंड में दशहरा समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सामने मौजूद चुनौतियों से मिलकर लड़ने का संदेश दिया. रावण दहन के…
तमिलनाडु की सी. जोसेफ विजय सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। वीबी-जीरामजी योजना के तहत 125 दिनों का रोजगार पूरा करने वाले पात्र ग्रामीण परिवारों के लिए राज्य कोष से…
कॉकरोच जनता पार्टी के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका अभी तक दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद हैं। अपने दोनों नेताओं को याद कर सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दिपके…
बॉलीवुड एक्टर आमिर खान ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे से मुंबई स्थित निवास शिवतीर्थ में मुलाकात की है. यह मुलाकात उनके भांजे इमरान खान से जुड़े विवाद के…
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में हुए सड़क हादसे ने हर किसी को झकझोर दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी तक शोक जता चुके हैं.…
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके को शनिवार को रिहा कर दिया गया. इसकी जानकारी सीजेपी की लीगल सेल की हेड रत्ना सिंह ने बताया.बीबीसी संवाददाता जुगल पुरोहित…
कोलकाता में चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ होने के कारण कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई है.पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बताया, "पहले…