एसआईआर पर चुनाव आयुक्तों की असहमति के दावे से सियासी हंगामा, विपक्ष ने मांगा ज्ञानेश कुमार का इस्तीफ़ा
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23-09-2026 06:25 PM
बार आपत्ति' दर्ज कराई. रिपोर्ट के अनुसार, 'ये आपत्तियां चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने, खुद को अंधेरे में रखने से लेकर नए मतदाताओं को जोड़ने और नाम हटाने को लेकर दर्ज कराईं और 'अनधिकृत, गैरकानूनी' कदमों पर सवाल उठाए.'
भारत चुनाव आयोग (ईसीआई) की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया, जून 2025 में बिहार में शुरू हुई थी लेकिन अब तक 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की मसौदा मतदाता सूचियों से 13 करोड़ से अधिक नाम हटाए जा चुके हैं. हालांकि जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं उन्हें इसके ख़िलाफ़ अपील करके अपना जवाब देने का विकल्प दिया गया है.
चुनाव आयोग की भूमिका पर विपक्षी दल पहले से सवाल उठाते रहे हैं.
'द इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इन मुद्दों पर तीन सदस्यीय चुनाव आयोग के भीतर भी बार-बार सवाल उठाए गए थे और आपत्तियां दर्ज की गई थीं.
अब इस रिपोर्ट के आने के बाद जिन प्रदेशों में चुनाव हुए हैं, वहां के विपक्ष के नेता अपनी हार को लेकर एसआईआर में नामों के काटे जाने या जोड़े जाने को ज़िम्मेदार ठहरा रहे हैं.
आरजेडी नेता और बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने इस रिपोर्ट को एक्स पर साझा करते हुए दोबारा दावा किया कि बीते बिहार विधानसभा चुनाव में तंत्र और यंत्र से चुनाव हराया गया, "हम हारे नहीं हराया गया."
राज्यसभा में टीएमसी के संसदीय नेता डेरेक ओ'ब्रायन ने सीईसी ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए उनके ख़िलाफ़ महाभियोग चलाने की मांग की है.
रिपोर्ट में क्या-क्या दावे किए गए हैं?
मतदाता सूची तैयार करने में सॉफ़्टवेयर के केंद्रीकृत नियंत्रण को लेकर भी सवाल उठाए.
विपक्ष ने ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने एक्स पर एक लंबी पोस्ट लिखी और दावा किया कि बिहार विधानसभा चुनाव से पहले और उसके दौरान उनकी पार्टी ने 'दोषपूर्ण एसआईआर प्रक्रिया पर प्रजेंटेशन' दिया.
उन्होंने लिखा, "वोट चोरी को लेकर हम सुप्रीम कोर्ट तक गए, लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त ने ईसी के संवैधानिक संस्था का मुखिया होने के नाते हर बार तमाम सवैधानिक परंपराओं, लोकतांत्रिक मूल्यों और मर्यादाओं को तार-तार कर सबको गुमराह किया."
आरजेडी सांसद मनोज झा ने एक्स पर लिखा, "यह बेहद परेशान करने वाली बात है जब लोकतंत्र का प्रहरी ऐसा दिखाई देने लगे जैसे वह उसी लोकतंत्र को नुकसान पहुंचा रहा हो, जिसकी रक्षा करना उसका काम है."
शिवसेना यूबीटी के प्रवक्ता संजय राउत ने ज्ञानेश कुमार को 'सस्पेंड किए जाने और उनके ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई' करने की मांग की है.
उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर आरोप लगाया और कहा, "चुनाव आयोग गृह मंत्रालय के अधीन आता है. अगर प्रधानमंत्री देश को बचाना चाहते हैं तो उन्हें अमित शाह को उनके पद से हटाना चाहिए."
हालांकि न्यूज़ एजेंसी पीटीआई ने इलेक्शन कमीशन के अनाम अधिकारियों के हवाले से कहा है कि दोनों चुनाव आयुक्तों ने एसआईआर से जुड़े कुछ मुद्दों को उठाया ज़रूर था लेकिन आख़िरी फ़ैसले तीनों आयुक्तों की सहमति से लिए गए
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