क्या काशीपुर में था गुरु द्रोणाचार्य का आश्रम? ASI ने फिर शुरू की खुदाई
Updated on
26-10-2026 05:49 PM
काशीपुर: क्या उत्तराखंड के काशीपुर में गुरु द्रोणाचार्य का आश्रम था? इसी प्रमाणिकता की जांच करने के लिए काशीपुर के द्रोणासागर में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने एक बार फिर खुदाई का काम शुरू किया है। इस खुदाई का उद्देश्य इस स्थल से जुड़ी उन स्थानीय मान्यताओं की ऐतिहासिक प्रमाणिकता की जांच करना है। बताया जाता है कि महाभारत काल में गुरु द्रोणाचार्य का आश्रम था। पुरातत्वविदों को उम्मीद है कि व्यवस्थित खुदाई से इस प्राचीन स्थल के इतिहास और सांस्कृतिक क्रम को समझने में मदद मिलेगी।
पहले भी कई बार की जा चुकी है खुदाई
ASI के देहरादून सर्किल के प्रभारी Superintending Archaeologist मोहन चंद्र जोशी ने बताया कि द्रोणासागर एक प्राचीन पुरातात्विक स्थल है। यहां इससे पहले भी कई बार खुदाई की जा चुकी है। वर्ष 1965 में Archaeologist वाईडी शर्मा ने औपचारिक खुदाई की थी, जबकि 1970-71 में भी यहां उत्खनन किया गया था। इन अभियानों के दौरान विभिन्न संरचनाएं मिली थीं। जोशी के मुताबिक, इस स्थल का इतिहास लगभग 2,000 वर्षों तक फैला हुआ है। यहां चित्रित धूसर मृदभांड (Painted Grey Ware-PGW) के साक्ष्य भी सामने आए हैं। इनके आधार पर कुछ विद्वान इस स्थल को महाभारत काल से जोड़ते हैं।
खुदाई में मिलीं प्राचीन संरचनाएं
जोशी ने बताया कि फिलहाल पिछले 20 से 25 दिनों से खुदाई का काम चल रहा है। बारिश के कारण खुदाई में कुछ रुकावटें भी आई हैं। शुरुआती निष्कर्षों में शुंग-कुषाण काल का एक छोटा ईंट का टुकड़ा मिला है। इसके अलावा, ऊपरी स्तर पर ईंटों से बनी एक गोलाकार संरचना भी मिली है, जिसे फिलहाल संभावित कुएं के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संरचना के बारे में पुख्ता जानकारी तभी मिल सकेगी, जब इसकी पूरी तरह खुदाई कर इसे सामने लाया जाएगा
प्राचीन स्थल का इतिहास जानने की कोशिश
ASI का लक्ष्य प्राकृतिक मिट्टी की परत तक व्यवस्थित खुदाई करना है, ताकि स्थल का पूरा सांस्कृतिक क्रम और उसकी उत्पत्ति समझी जा सके। पुरातत्वविद यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि गोलाकार संरचना की नींव किस स्तर पर है और क्या अलग-अलग कालखंडों में यहां ईंटों से निर्माण किया गया था। फिलहाल खुदाई जारी है। हालांकि, अब तक मिले साक्ष्य इस स्थल के प्राचीन इतिहास की पड़ताल में मददगार हैं, लेकिन इनके आधार पर महाभारत काल से इसके संबंध की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
काशीपुर: क्या उत्तराखंड के काशीपुर में गुरु द्रोणाचार्य का आश्रम था? इसी प्रमाणिकता की जांच करने के लिए काशीपुर के द्रोणासागर में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने एक बार फिर…
भारत रक्षा क्षेत्र में नेक्स्ट जेनरेशन तकनीक और स्वदेशी क्षमताओं को लगातार मजबूत कर रहा है। इसी दिशा में स्वदेशी तकनीक से विकसित ‘मातंगी’ ऑटोनॉमस सरफेस वेसल (ASV) भारत की…
ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। लेफ्रिपाड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत अमलाबहाल गांव के पास कोयला परिवहन मार्ग पर दो ट्रेलर ट्रकों की आमने-सामने…
महाराष्ट्र में 32 हजार से ज्यादा पेड़ों की कटाई को लेकर सियासी घमासान शुरू हो गया है। रायगढ़ जिले के कर्जत के पास टोरेंट कंपनी के 3,000 मेगावाट के बिजली…
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से बिहार के पटना में पीएम मोदी के पिता पर की गई विवादित टिप्पणी के बाद बीजेपी की तरफ से रिएक्शन सामने आने लगे…
भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ फिर से सुर्ख़ियों में हैं और इसकी वजह है, उनके सहयोगी रहे जस्टिस संजय किशन कौल के दावे.जस्टिस कौल ने अपनी…
राजस्थान के पंचायती राज चुनाव में नागौर जिले के बरण गांव का सरपंच चुनाव राजनीतिक और पारिवारिक चर्चाओं का केंद्र बन गया है. यहां राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमो…
ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक और हमले की चेतावनी का जवाब दिया है.राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार ने अमेरिका के फ़्लोरिडा में कहा कि अमेरिका ईरान के…