आरएसएस से जुड़े प्रल्हाद जोशी कौन हैं जिन्हें मिली है शिक्षा मंत्रालय की ज़िम्मेदारी
Updated on
26-07-2026 07:16 PM
शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहा आंदोलन समाप्त हो गया है.
रविवार सुबह भी जंतर मंतर पर पुलिस तैनात दिखी और बैरिकेड्स लगे हुए थे. पुलिस बल पहले के मुक़ाबले अब काफ़ी कम दिखा, जबकि प्रदर्शनकारी अपने घर लौट चुके हैं.
राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े को स्वीकार कर लिया और प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का प्रभार दिया गया है.
प्रल्हाद जोशी फ़िलहाल उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री हैं और उनके पास नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय भी है.
सीजेपी के सौरव दास ने शनिवार को प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "जो भी अगले शिक्षा मंत्री बनेंगे, उनको पता है कि युवा उन्हें देख रहा है. जब समय आएगा तो वो जवाब भी मांगेगा. इसलिए अच्छा काम करें और युवाओं के हित में काम करें. पेपर लीक रोकिए और हमारे मांग पत्र में जो पांच सुझाव थे उसे लागू करिए."
उन्होंने कहा कि सरकार ने वादा किया है कि एक महीने के अंदर नए शिक्षा मंत्री से मुलाक़ात होगी.
प्रल्हाद जोशी ने धर्मेंद्र प्रधान को लेकर क्या कहा
नई ज़िम्मेदारी मिलने पर जोशी ने शनिवार को कहा, "मुझे पता चला है कि प्रधानमंत्री ने मुझे यह ज़िम्मेदारी दी है. मैं इस ज़िम्मेदारी को कर्तव्य और विनम्रता के साथ स्वीकार करता हूं और प्रधानमंत्री का धन्यवाद करता हूं."
उन्होंने आगे कहा, "मोदी सरकार के पिछले 12 साल में कई ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल हुई हैं. मैं पीएम के मार्गदर्शन में अपनी पूरी क्षमता के साथ काम करने की कोशिश करूंगा."
प्रल्हाद जोशी ने अपने एक्स हैंडल पर किए गए एक पोस्ट में धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल का ज़िक्र भी किया.
उन्होंने कहा, "धर्मेंद्र प्रधान का राजनीतिक सफ़र कई दशकों तक रहा है. देश के विकास के लिए उनकी प्रतिबद्धता हमेशा याद रखी जाएगी."
जोशी ने लिखा, "उनके (धर्मेंद्र प्रधान) कार्यकाल में नई शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 को सफलतापूर्वक लागू किया गया. इसके साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में 100 से ज़्यादा छोटे और बड़े सुधार किए गए."
"देशहित को सबसे ऊपर रखते हुए प्रधान जी का पद छोड़ने का फ़ैसला, देश के विकास में उनके योगदान को किसी भी तरह से नहीं रोक सकता. देश के विकास के रास्ते पर हमारी मुलाक़ात फिर होगी."
कौन है प्रहलाद जोशी
संसद की वेबसाइट के अनुसार, प्रल्हाद वेंकटेश जोशी कर्नाटक से भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और धारवाड़ लोकसभा सीट से लगातार छह बार सांसद हैं.
उनका जन्म 27 नवंबर 1962 को कर्नाटक के विजयपुर में हुआ था. साल 2004 में वे पहली बार लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए और तब से लगातार धारवाड़ का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं.
कर्नाटक में बीजेपी के प्रमुख संगठनात्मक नेताओं में गिने जाने वाले जोशी 2014 से 2016 तक पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे.
इसके अलावा, वर्ष 2014 से 2018 के बीच वे लोकसभा की पैनल ऑफ़ चेयरपर्संस के सदस्य भी रहे.
फ़िलहाल प्रल्हाद जोशी के पास शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार, उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अलावा नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की ज़िम्मेदारी है.
साल 2019 से 2024 के बीच वे संसदीय कार्य, कोयला और खनन मंत्रालय का भी नेतृत्व कर चुके हैं.
जोशी ने कर्नाटक के हुबली के रेलवे स्कूल और न्यू इंग्लिश स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा हासिल की.
इसके बाद उन्होंने श्री कदासिद्देश्वर आर्ट्स कॉलेज, हुबली से बीए की पढ़ाई की.
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