सऊदी अरब का एयरपोर्ट, एयरबेस और रिफाइनरी तबाह... हूतियों ने घुसकर मारा, ये मक्का पैक्ट का पहला इम्तिहान है
Updated on
08-09-2026 03:10 PM
“सऊदी दुश्मन को यह समझना होगा कि यमनी लोगों के खिलाफ बिना किसी जवाबी कार्रवाई, रोक-टोक या कीमत चुकाए अपराध और नरसंहार करने का दौर अब खत्म हो चुका है.”
ये बयान नसीरुद्दीन आमेर का है. नसीरुद्दीन हूती मीडिया ऑफिस के डिप्टी हेड हैं. वे हूती विद्रोहियों द्वारा चलाई जा रही सबा न्यूज़ एजेंसी को चलाते हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर इन हमलों की तारीफ़ की.
हूतियों ने सऊदी अरब पर हुए हमलों के बारे में तो ज्यादा जानकारी नहीं दी है, लेकिन कहा है कि सऊदी अरब के अंदरूनी इलाकों में "बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान" के बारे में एक बयान जारी किया जाएगा. अंदरूनी इलाकों के लिए उन्होंने अंग्रेजी के 'डीप इनसाइड' शब्द का इस्तेमाल किया. हूतियों के इस बयान से स्पष्ट है कि इस बार उन्होंने सऊदी अरब के घर में घुसकर हमला किया है.
दरअसल मध्य-पूर्व में जंग की आग अब सऊदी अरब की सरहद के भीतर पहुंच चुकी है. यमन के हूती विद्रोहियों ने मंगलवार को सऊदी अरब के दक्षिणी हिस्से में एक साथ कई ठिकानों को निशाना बनाया.
हूतियों ने कहां-कहां हमला किया
सऊदी गठबंधन और ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार हूती विद्रोहियों ने अबहा, खमीस मुशैत, जाज़ान और नजरान में नागरिक और आर्थिक ठिकानों को निशाना बनाया गया.
हूती मीडिया का दावा है कि अबहा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, किंग खालिद एयरबेस और अरामको की रिफाइनरी पर मिसाइलें और ड्रोन दागे गए. आग लगने और कुछ एनर्जी यूनिट के अस्थायी रूप से ठप होने की खबरें आईं. इस हमले में कम से कम 73 नागरिक घायल हुए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल है
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ सऊदी अरब पर हूतियों का हमला है या फिर हाल में बने 'मक्का डिफेंस पैक्ट' की पहली बड़ी परीक्षा?
क्योंकि महज एक महीने पहले 7 अगस्त को मक्का में सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान ने एक ऐसा रक्षा समझौता किया था, जिसके तहत तीनों देशों ने साफ कहा था कि एक सदस्य पर हमला, तीनों पर हमला माना जाएगा.
यमन में लड़ रहे सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-माल्की ने एक बयान में कहा कि मंगलवार तड़के हुए हमलों में सऊदी शहरों अबहा, जाज़ान, नजरान और खमीस मुशैत में "नागरिक और आर्थिक केंद्रों" को निशाना बनाया गया.
ताजा हमलों का केंद्र सऊदी अरब का दक्षिण इलाका रहा, जो यमन की सीमा के बेहद करीब है. जाजान में सऊदी अरामको का बड़ा तेल परिसर है, जबकि अबहा और खमीस मुशैत रणनीतिक सैन्य और विमानन ढांचे के लिए अहम है
जाजान में 4 लाख बैरल प्रतिदिन क्षमता वाली रिफाइनरी और उससे जुड़ा ऊर्जा ढांचा मौजूद है. इन हमलों से तेल की कीमतों पर असर पड़ा है. सऊदी एनर्जी मिनिस्ट्र के बयान के बाद ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1 डॉलर बढ़कर $98/BBL हो गए, जबकि U.S. क्रूड फ्यूचर्स $2 से ज़्यादा बढ़कर $93.65/BBL हो गए.
हूतियों की रणनीति सिर्फ मिसाइल या ड्रोन दागने तक सीमित नहीं है. वे सऊदी अरब के उस आर्थिक और सैन्य ढांचे को निशाना बना रहे हैं, जिस पर देश की सुरक्षा और ऊर्जा व्यवस्था टिकी हुई है
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