'सिंध की धरती हमारी मां, इसके लिए मर जाएंगे', असीम मुनीर को PPP की चुनौती, प्रांत बंटा तो संभाल नहीं पाओगे
Updated on
07-09-2026 06:02 PM
सिंध असेंबली ने सर्वसम्मति से उन प्रस्तावों को खारिज किया है, जिनमें प्रांत को बांटने या नए प्रशासनिक यूनिट बनाने की बात कही गई है। कराची को सिंध से अलग करने या दक्षिणी प्रांत बनाने की बातों पर सिंध के नेताओं ने बेहद कड़ा रुख दिखाया है। इसमें खास बात ये रही है कि सिंध असेंबली से सीधेतौर पर पकिस्तानी आर्मी चीफ असीम मुनीर और गृह मंत्री मोहसिन नकवी को चुनौती दी गई है। प्रांतों को बांटने के पीछे मुनीर और उनके करीबी नकवी का ही दिमाग माना जा रहा है।
पाकिस्तान के सिंध प्रांत में पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (पीपीपी) की सरकार है। पीपीपी नेता आसिफ जरदारी और बिलावल इस प्रस्ताव के खिलाफ बताए जा रहे हैं। हालांकि असेंबली ने इस पर जिस तरह का कड़ा रुख दिखाया है, उसने दुनिया का ध्यान खींचा है। सदन में खड़े होकर सिंध के सीएम और मंत्रियों ने कहा है कि सिंध बंटा को फिर बगावत जैसी स्थिति हो सकती है।
'सिंध को बंटने नहीं देंगे'
सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने प्रांत की एकता पर स्थगन प्रस्ताव के दौरान कहा कि उनकी सरकार सिंध की क्षेत्रीय अखंडता से कोई समझौता नहीं करेगी। शाह ने साफ कहा कि प्रांतीय असेंबली में इस पर चर्चा नहीं हुई, जहां इसे होना चाहिए था। ऊपर से इसे थोपने की कोशिश है। हम अपने प्रांत के बंटवारे को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
सिंध असेंबली के जो वीडियो सामने आए हैं, उनमें सिंध की जमीन के लिए मर जाने, मंत्री पद छोड़ देने और सड़कों पर उतर जाने जैसी बातें नेताओं ने कही है। कई नेताओं ने सिंध को बांटने की कोशिश पर बलूचिस्तान जैसे हालात होने की भी चेतावनी दी है। सिंधी नेताओं ने कहा है कि प्रांत बंटा तो फिर कानून व्यवस्था का क्या होगा, कहा नहीं जा सकता है।
क्या है प्रस्ताव
पाकिस्तान सरकार की ओर से देश के चार प्रांतों को 12 से 15 प्रांतों में बांटने का प्रस्ताव आया है। इस पर कई दल नाखुश हैं, जिसमें पीपीपी भी है। दूसरी ओर असीम मुनीर के करीबी मोहसिन नकवी इस पर जोर दे रहे हैं कि व्यवस्था बेहतर करने के लिए नए प्रांत बनाना जरूरी है। इससे पाकिस्तान की सियायत में हलचल देखी जा रही है।
पीपीपी नेता और पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ जरदारी इस समय लंदन में हैं। माना जा रहा है कि जरदारी नए प्रांत बनाने के मुद्दे पर नाराज होकर लंदन गए हैं। पाकिस्तानी गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने लंदन गए जाकर उनसे मुलाकात भी की है। जरदारी कम से कम सिंध और बलूचिस्तान को बांटने के लिए फिलहाल तैयार नहीं है।
आसिफ जरदारी सिंध और बलूचिस्तान में तुरंत नए प्रांत बनाने के खिलाफ हैं क्योंकि इससे उनको बड़ा सियासी नुकसान हो सकता है। सिंध को बांटने के PPP के लिए गंभीर राजनीतिक नतीजे हो सकते हैं। वहीं सुरक्षा हालात और जारी उग्रवादी हिंसा के कारण बलूचिस्तान भी बहुत संवेदनशील बना हुआ है। ऐसे में इन दो सूबों को लेकर मसला बना हुआ है।
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