छत्तीसगढ़ के सीएम, उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के जिलों में मेडिकल कालेजों को मान्यता मिलने के आसार
Updated on
29-06-2026 02:08 PM
राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में प्रस्तावित पांच नए मेडिकल कालेजों को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) से मान्यता दिलाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। कवर्धा, जांजगीर-चांपा, मनेंद्रगढ़, दंतेवाड़ा और कुनकुरी (जशपुर) में प्रस्तावित मेडिकल कालेजों का निरीक्षण एनएमसी की टीम कर चुकी है। स्वास्थ्य विभाग को पूरी उम्मीद है कि इनमें से कम से कम तीन कालेजों को चालू शैक्षणिक सत्र से मान्यता मिल जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार निरीक्षण के दौरान एनएमसी ने भवन, अस्पताल, फैकल्टी, उपकरण और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया है। निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर आयोग अंतिम निर्णय लेगा। यदि तीन कालेजों को भी मंजूरी मिलती है तो इस सत्र से नए छात्रों का प्रवेश शुरू हो सकेगा, जिससे प्रदेश में मेडिकल शिक्षा के विस्तार के साथ डाक्टरों की संख्या बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।
राजनीतिक रूप से प्रभावशाली हैं तीन जिले
राजनीतिक दृष्टि से भी इन मेडिकल कालेजों की मान्यता अहम मानी जा रही है। प्रस्तावित कालेजों में से मुख्यमंत्री एक विष्णु देव साय, दूसरा उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और तीसरा स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के जिलों में स्थापित किया जाना है। इन परियोजनाओं को सरकार की महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। यदि समय पर मान्यता नहीं मिलती है तो विपक्ष इसे सरकार की विफलता बताकर राजनीतिक मुद्दा बना सकता है।
कवर्धा में आठ और मनेंद्रगए़ में छह प्राध्यापकों की नियुक्ति
राज्य सरकार एनएमसी की सभी औपचारिकताओं को समय पर पूरा कराने के प्रयास में जुटी हुई है। विगत दिनों प्राध्यपकों की नियुक्ति में कवर्धा में सर्वाधिक आठ और मनेंद्रगढ़ में छह हुई है। जांजगीर-चांपा में पांच, दंतेवाड़ा में चार और कुनकुरी (जशपुर) में तीन प्राध्यापकों की नियुक्ति हुई है। प्रस्तावित मेडिकल कालेजों में भवन निमार्ण की प्रक्रिया भी तेज हो गई है।
राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में प्रस्तावित पांच नए मेडिकल कालेजों को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) से मान्यता दिलाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। कवर्धा, जांजगीर-चांपा, मनेंद्रगढ़, दंतेवाड़ा…
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